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Video: अश्व मेले में नूकरा मारवाड़ी की पूछ बढ़ी

अश्व मेले में घोड़े-घोडि़यों की हिन हिनाहट सुनने को मिल रही है। महाराणा प्रताप घोड़ा पालक समिति के तत्वावधान में श्रीगुरुनानक जयंती से राधा स्वामी
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श्री गंगानगर

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pawan uppal

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Updated: 10 Nov 2017, 8:12 AM IST

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श्रीगंगानगर.

अश्व मेले में घोड़े-घोडि़यों की हिन हिनाहट सुनने को मिल रही है। महाराणा प्रताप घोड़ा पालक समिति के तत्वावधान में श्रीगुरुनानक जयंती से राधा स्वामी डेरे के सामने बाईपास पर 15 वां अश्व मेला लगाया जा रहा है। नुकरा व मारवाड़ी नस्ल के अश्वों की पूछ रही। मेला अब परवान पर है। शुक्रवार दोपहर बाद मेले का समापन होगा। अश्व मेला समिति के सदस्य रामलाल ने बताया कि मेले में पांच सौ से अधिक अश्व विभिन्न शहरों से आए हैं। दो सौ से अधिक छोटे-बड़े अश्वों की खरीद-फरोख्त हुई है। चार माह की नुकरी बछेरी की व्यापारियों ने गुरुवार शाम चार लाख रुपए बोली लगाई।

बिलकुल सफद रंग की इस नुकरी घोड़ी की मेले में चर्चा रही। अश्वपालन की तरफ रुझान घटा श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ जिले में पिछले दो साल से अश्वपालन की तरफ रुझान घटा है। समिति सचिव मनराज सिंह ने बताया कि कृषि के सहायक धंधा के रूप में अश्वपाल का धंधा अच्छा पनप रहा था लेकिन पिछले दो साल से स्थानीय किसानों में अश्वपालन से मोहभंग हो रहा है।

नस्ल व दाम

नुकरा सफेद- 50 हजार से पांच लाख -चंबा (पैर व मुंह सफेद)-50 हजार से दो लाख - काला (शरीर काला)- 50 हजार से दो लाख - कुमैत शरीर ललिमा पूर्ण)-50 हजार से एक लाख - सब्जा (शरीर पर विरल सफेद बाल)-50 हजार से डेढ़ लाख ( कीमत अनुमानित) यहां से आए अश्व-व्यापारी- मेले में फिरोजपुर, फाजिल्का, मुक्तसर, मलोट, गिदड़बाहा, संगरूर, सिरसा, हिसार, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, नागौर, बीकानेर , चूरू सहित दिल्ली, मध्यप्रदेश, यूपी, जम्मू, गुजरात से अश्व और अश्वपालक आए हैं।

प्रतियोगिता के परिणाम

बड़ी चाल में श्रीगंगानगर के जयदीप बिहाणी का अश्व प्रथम, १५ जैड के देवीलाल स्वामी का अश्व द्वितीय स्थान पर रहा।

नाच में पीरकामडि़या के संजीव बेनीवाल का अश्व प्रथम व पन्नीवाला के अशोक कुमार का अश्व द्वितीय रहा। -करतब में पन्नीवाला के अशोक कुमार का अश्व प्रथम व रावतसर के भगवानसिंह राजपुरोहित का अश्व द्वितीय रहा।