इलाज ही नहीं तो कैसे रुके यहां
सूरतगढ़ क्षेत्र से राजकीय जिला चिकित्सालय में आए गुरदास ने बताया कि उसकी मां को पेट की परेशानी है। उपचार के लिए श्रीगंगानगर भर्ती करवाया था लेकिन अब लगता नहीं कि यहां उपचार मिल पाएगा। उसका कहना था कि चिकित्सालय स्टाफ ने उसे दवाएं दे दी हैं, ऐसे में यहां रोगी को रखने का लाभ भी क्या है। इसी को देखते हुए अब रोगी को घर ही ले जा रहे हैं। गांव सोलह एमएल के जोगेंद्रसिंह का कहना था कि उसे भी चिकित्सालय प्रशासन ने डॉक्टरों की हड़ताल बताकर उसे भी डिस्चार्ज कर दिया है। अब वह करें तो क्या, निजी चिकित्सालय में जाने की स्थिति में नहीें हंू। दवाएं ले ली हैं तथा अब घर पर ही रहकर उपचार करवाएंगे।