
श्रीगंगानगर।
जिले के श्रीकरणपुर उपखंड के दो एफएफ क्षेत्र में मंगलवार रात एक संदिग्ध जहाजनुमा ड्रोन गिरा हुआ पाया गया। भारत- पाक सीमा के नजदीक क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। कोठी गांव के पास इस छोटे आकार के जहाजनुमा ड्रोन गिरने की खबर मिलने के फ़ौरन बाद पुलिस मौके पर पहुंची और एक्शन में आ गई। ड्रोन को कब्ज़े में लेकर तफ्तीश शुरू की गई।
दिल्ली तक हो गई हलचल
श्रीकरणपुर गांव एक एफएफ के एक खेत में मंगलवार शाम को जहाजनुमा ड्रोन मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पहुंचकर ड्रोन को कब्जे में लिया। इससे जयपुर से दिल्ली तक हलचल हुई। मामले का रात करीब साढ़े 11 बजे पटाक्षेप हो गया। ड्रोन किसी निजी कंपनी का था और उसे सोमवार को ट्रायल के लिए लालगढ़ छावनी के आसपास चलाया गया था। संचार टूटने पर रास्ता भटककर यह यहां आ गिरा।
यूं चला घटनाक्रम
श्रीकरणपुर पुलिस थाने में मंगलवार रात सवा 11 बजे पहुंचे एक व्यक्ति ने खुद को रिटायर्ड कर्नल और एचएफसीएल कंपनी का अधिकारी (वॉइस प्रेजीडेंट) बताते हुए पुलिस से ड्रोन उन्हें सुपुर्द करने की बात कही। रिटायर्ड कर्नल ने खुद का नाम अनेज़ चिटकारा बताया। उसने पुलिस को बताया कि उनकी कंपनी का सेना को ड्रोन देने संबंधी करार हुआ है।
पुष्टि के बाद लौटा देंगे ड्रोन!
कर्नल ने पुलिस को बताया कि लालगढ़ छावनी से सोमवार को चार ड्रोन उड़ाए गए थे। इनमें से एक ड्रोन का संचार टूटने पर यह खो गया था। इस संबंध में सोमवार को ही लालगढ़ छावनी में ही मुकदमा दर्ज़ करवाया गया था। कर्नल ने ड्रोन सुपुर्द करने के लिए सेना के अधिकारियों से फोन भी करवाया। लेकिन एसआइ ने इसे देश की सुरक्षा का मामला बताते हुए पहचान संबंधी दस्तावेज देने व इसकी पुष्टि के बाद ही ड्रोन सुपुर्द करने की बात कही।
Published on:
10 Oct 2018 08:30 am
