अपर लोक अभियोजक पवन जोशी ने बताया कि सूरतगढ़ के वार्ड 19 निवासी महेन्द्र प्रताप पुरोहित पुत्र भंवरलाल पुरोहित ने 10 सितम्बर 2009 को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में शिकायत की थी।इसमें बताया कि उसकी फर्म मैसर्स बीआर कंस्ट्रक्शन के नाम से है। अपनी फर्म के नाम से उसने सूरतगढ़ थर्मल पावर प्लांट में निर्माण कार्य किए थे। इन कार्यों का बकाया बिल दो लाख 70 हजार रुपए की राशि लेने के लिए जब उसने प्लांट के अधिशासी अभियंता सिविल विनोद माथुर पुत्र धीमालाल से संपर्क किया तो उसने 70 हजार रुपए रिश्वत मांगी। आखिर में सौदा 50 हजार रुपए में तय हुआ। इसमें पच्चीस हजार एडवांस देने थे।