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Video : तेज गति के वाहनों पर कार्रवाई से बीस फीसदी कम हुआ मौत का आंकड़ा

- पुलिस की कार्रवाई, संस्थाओं की जागरुकता व लोगों की सतर्कता से कम हुए हादसे
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श्री गंगानगर

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vikas meel

•

Updated: 16 Dec 2017, 8:48 PM IST

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श्रीगंगानगर.

तेज गति से चलते वाहन चलाने व नशे में होने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई का असर सड़क हादसे रोकने में दिखने लगा है। पुलिस की इस कार्रवाई व सतर्कता के चलते अक्टूबर माह तक हादसों में होने वाली मौतों में पिछले साल की तुलना में बीस फीसदी कमी दर्ज की गई है।

पुलिसकर्मियों का मनाना है कि वाहन को तेज गति में व नशे की हालत में चलाने पर अधिक हादसे होते हैं और उनमें मौतें भी हो जाती है।इन मौतों व हादसों की संख्या को कम करने के लिए पुलिस की ओर से देा साल से प्रयास किए जा रहे हैं और आखिर पुलिस, संस्थाओं, लोगों के प्रयास रंग लाए हैं। इसके चलते मौतों के आंकड़ों में करीब बीस फीसदी से अधिक की कमी दर्ज की गई है।


काम से लौटने वाले करते हैं जल्दबाजी व नशा

- पुलिसकर्मियों का कहना है कि शहर व कस्बों से शाम के समय अपना काम पूरा करने के बाद कुछ लोगों को घर जाने की जल्दी रहती है। ऐसे में वे अपने दुपहिया या चौपहिया वाहन को तेज गति में चलाते हैं, जिससे हादसा होने की आशंका रहती है और हादसे हो भी जाते हैं। वहीं शाम को काम से लौटते समय लोग अपने साथियों के साथ बैठकर नशा करते हैं और इसके बाद वाहन लेकर घर के लिए निकलते हैं। इससे भी हादसे होते हैं। इनको रोकने के लिए पुलिस की ओर से शहर से बाहर जाने वाले रास्तों पर कार्रवाई की गई।


नशा कर चलने वाले हुए कम

- पुलिस की कार्रवाई के चलते शाम को नशा कर घर जाने वालों की संख्या में कमी आई है। इससे हादसों की संख्या भी कम हो रही है। पुलिसकर्मियों का कहना है कि अब लोग यहां से शराब लेकर जाते हैं और अपने घरों या गांव में जाकर पीते हैं। इससे हादसों की संख्या कम हो रही है।


इनका कहना है

वर्ष 2014 से सड़क हादसे रोकने के लिए प्रयास किए गए और वाहनों पर कार्रवाई की गई। इसके चलते पिछले सालों की तुलना में इस साल अक्टूबर माह तक हादसों में मृत्यु दर में करीब बीस फीसदी से अधिक की कमी आई है। हादसे ओर कम करने के लिए पुलिस प्रयासरत है।
सुशील कुमार, यातायात प्रभारी श्रीगंगानगर।