इन विभागों का हाल बेहाल
चिकित्सालय के दंत रोग विभाग, चर्म एवं रति रोग विभाग, कान नाक गला विभाग, नेत्र रोग विभाग, अस्थि रोग विभाग सहित विभिन्न विभागों में डॉक्टरों का टोटा रहा। इन रोगों में रोगी पहुंचते और लौट जाते। चिकित्सालय में केवल मेडिसिन विभाग ऐसा था जहां रोगियों की कतार लगी थी और जांच के लिए दो चिकित्सक भी मौजूद थे।