वहीं जिलों के बाल कल्याण अधिकारियों को बाल संरक्षण को लेकर प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। प्रथम फेज में चल रहे प्रशिक्षण कार्यशालाओं में उनको थाने में आने वाले बालकों से किस तरह व्यवहार करें, उनको उम्र के हिसाब से कहां रखा जाए, बाल संरक्षण के नियम क्या हैंऔर बालकों से कैसे काउंसलिंग की जाए। बाल श्रम से किस तरह बालकों को मुक्त कराया आए और क्या सावधानियां बरती जाए। इसकी जानकारी दी जा रही है। अभी यह प्रशिक्षण कार्यशालाएं प्रदेश के बारह जिलों में हो चुकी है। सभी जिलों में पूरी होने के बाद इसका अगला चरण शुरू किया जाएगा। जिसमें पुलिस, शिक्षा विभाग, संस्थाएं, मेडिकल सहित संबंधित विभागों के लोगों की बैठें की जाएगी और उनको बाल संरक्षण के एक्टों की जानकारी दी जाएगी।