शिक्षा विभाग के अनुसार राज्य में तीन सौ और श्रीगंगानगर जिले में चार सौ स्कूलों को पीपीपी पर देने का निर्णय किया जा चुका है। इसमें श्रीगंगानगर जिले के राजकीय माध्यमिक विद्यालय नंबर चार सूरतगढ़, राजकीय माध्यमिक विद्यालय पुरानी आबादी सूरतगढ़ और ग्रामीण क्षेत्र के राजकीय माध्यमिक विद्यालय 21 जीजी व राजकीय माध्यमिक स्कूल प्रतापपुरा (सादुलशहर) को पीपीपी पर संचालित किया जाएगा। प्रदेश में सबसे ज्यादा 27 स्कूल नागौर एवं 24 चूरू तथा सबसे कम बारां व कोटा में एक-एक स्कूल को पीपीपी मोड पर दिया है।