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राजस्थान चुनाव 2023: श्री गंगानगर का 5 विधानसभा सीटों से 11 सीट बनने तक का सफर, जानिए

Rajasthan Election 2023 : राजस्थान में प्रथम विधानसभा के गठन के लिए 1952 में आम चुनाव हुए तो पांच सीटें थी। उसके बाद सीटों में बढ़ोतरी होती गई।
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श्री गंगानगर

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Nupur Sharma

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Updated: 3 Nov 2023, 3:08 PM IST

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Rajasthan Assembly Election 2023 : राजस्थान में प्रथम विधानसभा के गठन के लिए 1952 में आम चुनाव हुए तो पांच सीटें थी। उसके बाद सीटों में बढ़ोतरी होती गई। वर्ष 1967 के चुनाव के समय विधानसभा सीटों की संख्या नौ हो गई। विधानसभा सीटों के लिए हुए परिसीमन के बाद 2008 में विधानसभा सीटों की संख्या ग्यारह हो गई। इस परिसीमन से पहले श्रीगंगानगर जिले से हनुमानगढ़ अलग होकर जिला बन चुका था। नए जिलों की सूची में अनूपगढ़ का नाम भी जुड़ चुका है। विधानसभा के आगामी चुनाव तक श्रीगंगानगर जिले के अधीन विधानसभा सीटों की संख्या और नक्शा दोनों बदल जाएंगे। वर्ष 1952 में प्रथम विधानसभा के गठन के लिए चुनाव हुए तो श्रीगंगानगर जिले में भादरा, नोहर, हनुमानगढ़, रायसिंहनगर-करणपुर व गंगानगर सीटें थीं। इनमें रायसिंहनगर-करणपुर सीट दो सदस्यीय थी। इस सीट से एक उम्मीदवार सामान्य और एक उम्मीदवार अनुसूचित जाति-जन जाति से चुना गया। वर्ष 1957 के विधानसभा चुनाव में सीटों की संख्या छह हो गई। परिवर्तन यह हुआ कि नोहर सीट दो सदस्यीय हो गई। इस सीट से एक उम्मीदवार सामान्य और एक उम्मीदवार अनुसूचित जाति-जन जाति से चुना गया। भादरा सीट को नोहर में ही शामिल कर दिया गया। रायसिंहनगर सीट जो पहले दो सदस्यीय थी। इस चुनाव में एक सदस्यीय रह गई। नोहर सीट में भादरा सीट के शामिल होने से सूरतगढ़ सीट अस्तित्व में आई। वर्ष 1962 के चुनाव में भी सीटों की संख्या छह रही। इस चुनाव में भी नोहर सीट दो सदस्यीय रही।

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प्रथम चुनाव में पार्टियां:
● कांग्रेस
● किसान जनता संयुक्त पार्टी
● सोशलिस्ट
● राम राज्य परिषद
● शेड्यूल कास्ट फेडरेशन

कई परिवर्तन हुए: वर्ष 1967 के चुनाव से पहले विधानसभा सीटों में कई परिवर्तन हुए। सीटों की संख्या छह से बढ़ कर नौ हो गई। नई सीटें भादरा, संगरिया-सुरक्षित व केसरीसिंहपुर- सुरक्षित बनीं। वर्ष 1972 के विधानसभा चुनाव में सीटों की संख्या यही रही। लेकिन 1977 में हुए विधानसभा चुनाव से पहले नई सीट टिब्बी- सुरक्षित और पीलीबंगा अस्तित्व में आई तो सीटों की संख्या 11 हो गई। संगरिया सीट इस चुनाव में सामान्य हो गई।

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परिसीमन से बदलाव: वर्ष 2008 के चुनाव से पहले राज्य में विधानसभा सीटों का परिसीमन हो चुका था। इससे श्रीगंगानगर जिले में केसरीसिंहपुर - सुरक्षित विधानसभा सीट विलोपित होकर सादुलशहर-सामान्य व अनूपगढ़- सुरक्षित सीट सृजित हुई। हनुमानगढ़ जिले में टिब्बी- सुरक्षित सीट परिसीमन से विलोपित हुई तो पीलीबंगा सीट सामान्य से सुरक्षित हो गई। वर्तमान में श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में सीटों की संख्या ग्यारह ही है। वर्ष 2028 में विधानसभा चुनाव होंगे तो श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और अनूपगढ़ जिलों में सीटों का गणित बदल जाएगा।

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