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सीएम घोषणा के बावजूद दो प्रमुख मार्गों का निर्माण खटाई में

-सुखाडिय़ा मार्ग और मीरा मार्ग पर सीसी रोड बननी थी -नोडल एजेंसी ने मांगे ढाई करोड़ तो खड़े हो गए हाथ  
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श्री गंगानगर

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vikas meel

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Updated: 12 Jul 2018, 9:13 PM IST

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श्रीगंगानगर.

शहर के व्यस्ततम कहे जाने वाले सुखाडिय़ा मार्ग और मीरा मार्ग पर सीसी रोड निर्माण की योजना खटाई में पड़ गई है। मुख्यमंत्री की घोषणा में इन दोनों मार्गों पर करीब साढ़े बारह करोड़ रुपए खर्च होने थे। राजस्थान स्टेट रोड डवलपमेंट एंड कंस्ट्रक्शन कॉपोर्रेशन लिमिटेड (आरएसआरडीसी) को अधिकृत करते हुए उसे नोडल एजेंसी बनाया गया था। इस आरएसआरडीसी ने बकायदा टेण्डर भी आमंत्रित किए लेकिन दो ठेका फर्मों ने ही दिलचस्पी दिखाई। लेकिन इन ठेका फर्मों की जांच की तो यह सड़क बनाने के मापदंडों के अनुरूप खरी नहीं उतरी, ऐसे में इन दोनों फर्मों के टेण्डर निरस्त कर दिए। अब फिर से कवायद करने का दावा किया जा रहा है लेकिन मौजूदा स्थिति को देखते हुए सीएम की घोषणा की यह योजना धरातल पर उतरने की संभावना कम नजर आ रही है।

इस बीच आरएसआरडीसी के परियोजना निदेशक डॉ.डीके सिंघल का कहना है कि यदि टेण्डर में संबंधित ठेका फर्में मापदंड के अनुरूप आती तो इन दोनों सड़कों पर निर्माण कार्य अगले महीने में शुरू हो जाता। उन्होंने बताया कि अब इसी महीने के अंतिम सप्ताह में फिर से निविदा खोली जा सकती है। परियोजना निदेशक ने नगर परिषद प्रशासन से इन दोनों मार्गों पर सीसी रोड के लिए बजट का पच्चीस प्रतिशत यानि करीब ढाई करोड़ रुपए की राशि जमा कराने का पत्र सौंपा है। इस पत्र को देखते ही परिषद प्रशासन ने बजट नहीं होने की बात कहते हुए हाथ खड़े कर दिए हैं।

हर बार बना प्रस्ताव लेकिन सिरे नहीं चढ़ा
सुखाडिय़ा मार्ग की राह वर्ष 1980 में तत्कालीन नगर विकास न्यास अध्यक्ष और अब भाजपा के कद्दावर नेता पूर्व मंत्री राधेश्याम गंगानगर के प्रयासों से खुली थी। वहीं मीरा मार्ग वर्ष 1985 में बना था। इसके बाद इन दोनों मार्गो का सिर्फ जीर्णोद्धार हुआ। इन दोनों सड़कों के दोनों साइडों में मुख्य नाले को ऊंचा करके बना दिया, इस कारण दोनों मार्गों का लेवल मुख्य नालों की तुलना में नीचा है, इस वजह से बरसात के दौरान दोनों मार्ग पानी से लबालब हो जाते हैं।

यहां तक कि मुख्य नाले में आई अड़चन से ओवरफलो होने की स्थिति में यही हाल रहता है। ऐसे में 1990 से लेकर अब तक 22 साल से सड़क को पुन: बनाने की मांग उठती रही है। यहां तक कि नगर परिषद सभापति अजय चांडक ने जब वर्ष 2016 में सुखाडिय़ा मार्ग पर सीसी रोड बनाने के लिए टेण्डर किए तो कुछ पार्षदों ने अड़चन डाल दी, नतीजन यह रोड नहीं बन सकी। मुख्यमंत्री ने राज्य के बजट में इन दोनों मार्गों को सीसी रोड के रूप में विकसित करने की घोषणा की थी, इसकी पालना में टेण्डर लगाए लेकिन प्रक्रिया सिरे नहीं चढ़ पाई।

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