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Video: साहब! ये भर्ती नहीं मनमर्जी हुई…

ग्राम पंचायत सहायक भर्ती में कथित मनमानी व विद्यार्थी मित्रों को राहत देने की मांग को लेकर शुक्रवार को विद्यार्थी मित्र संघ व राजस्थान शिक्षक
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श्री गंगानगर

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pawan uppal

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Updated: 30 Sep 2017, 7:14 AM IST

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Video: साहब! ये भर्ती नहीं मनमर्जी हुई...

श्रीकरणपुर.

ग्राम पंचायत सहायक भर्ती में कथित मनमानी व विद्यार्थी मित्रों को राहत देने की मांग को लेकर शुक्रवार को विद्यार्थी मित्र संघ व राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत ने प्रधानमंत्री के नाम का ज्ञापन एसडीएम मुकेश बारैठ को सौंपा। शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष बलदेव सैन के नेतृत्व में आए लोगों ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में अस्पष्ट गाइड लाइन की आड़ में चयनकर्ताओं ने मनमानी की है। और जिम्मेवार उच्चाधिकारी उनका सहयोग कर रहे हैं।

ऐसे में विद्यार्थी मित्र दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। मौके पर मौजूद विद्यार्थी मित्र संघ के जिला उपाध्यक्ष शिवविकास गर्ग, रविंद्र अश्वनी, आप पार्टी के तहसील अध्यक्ष प्रहलाद राय, अधिवक्ता मदनलाल पटीर, गुरदर्शन सिंह आदि ने मामले की जांच व कार्रवाई करने की मांग की।

भर्ती नहीं किया ‘मजाक’

ज्ञापन के मुताबिक कि आयु, अनुभव व योग्यता जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर स्पष्ट निर्देश नहीं होने से राजस्थान सरकार की ये भर्ती बेरोजगारों के साथ मजाक है। आरोप यह भी है कि २९ अगस्त २०१७ को ४७ अभ्यर्थियों की जारी दूसरी चयन सूची में क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में नियम कायदे दरकिनार कर चयनकर्ताओं ने अपने परिजन व चहेतों का ही चयन कर दिया। जबकि राज्य सरकार की मंशा के अनुसार इस भर्ती में विद्यार्थी मित्रों को ही प्राथमिकता व नियुक्ति दी जानी थी।

इस संबंध में विद्यार्थी मित्रों की ओर से दी गई परिवेदनाओं का निस्तारण भी नहीं किया जा रहा। उच्चाधिकारी व जांच अधिकारी जांच के नाम पर खानापूर्ति कर रहे हैं। परिवेदना बन गई ‘वेदना’ सैन ने एसडीएम को बताया कि गांव 15 ओ में विद्यार्थी मित्र सारिका का चार वर्ष का शिक्षण अनुभव होने के बावजूद अन्य का चयन किया गया। वहीं, गांव दस ओ तेजेवाला में तो विद्यार्थी मित्रों को सिरे से ही दरकिनार कर दिया गया। सैन ने कहा कि वहां प्रधानाचार्य ने मनमानी कर अपनी पत्नी का ही चयन कर दिया। ग्राम पंचायत लोहारा में साढ़े चार वर्ष विद्यार्थी मित्र रह चुकी अभ्यर्थी कर्मजीत कौर का चयन नहीं किया गया। ग्राम पंचायत धनूर में निम्न योग्यता होते हुए भी एक व्याख्याता के भाई का चयन कर लिया गया। इसके अलावा नग्गी व रड़ेवाला में भी विवाद की स्थिति बनी है।

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