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श्रीगंगानगर। गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) को शीर्ष व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं सीए ने जंजाल बताया है। 'राजस्थान पत्रिकाÓ की ओर से शुक्रवार को ट्रेडर्स एसोसिएशन सभागार में रखे गए टॉक शो मे उनका कहना था कि इसे जल्दबाजी में, बिना पूरी तैयारी के लागू किया गया है। विभिन्न प्रावधान अभी तक स्पष्ट नहीं है। सरकार ने समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया तो स्थिति विकट हो जाएगी।
जीएसटी को जटिल बताते हुए इसके सरलीकरण की आवश्यकता बताई गई, कहा गया कि कागजी कार्यवाही काफी बढ़ गई है। रिटर्न तीन माह से पहले नहीं भरवानी चाहिए। सर्वर स्लो होने सहित अनेक तकनीकी समस्याएं आ रही हैं, इन्हें दूर करना चाहिए। राज्य कर विभाग के सहायक आयुक्त राधाकिशन एवं राज्य कर अधिकारी संजय अरोड़ा ने कहा कि यह नया कानून है, सब कुछ सहज होने में थोड़ा समय लगना स्वाभाविक है।
सभी को इस बारे में जागरुकता बढ़ानी चाहिए। टॉक शो में ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश खदरिया, श्रीगंगानगर चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष विजय जिन्दल, संयुक्त व्यापार मंडल के अध्यक्ष तरसेम गुप्ता, महासचिव नरेश सेतिया, चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष इंजी. बंशीधर जिन्दल, कच्चा आढ़तिया संघ के अध्यक्ष कुलदीप कासनियां, महामंत्री ललित चितलांगिया, टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट दीपक जैन, उपाध्यक्ष सीए पवन मित्तल, सीए नीरज चावला, वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश गुप्ता, थोक वस्त्र विक्रेता संघ के अध्यक्ष रामप्रकाश मिड्ढा, पूर्व सचिव राजेंद्र छाबड़ा, वस्त्र विक्रेता संघ के महामंत्री गोपाल छाबड़ा, चाय व्यापार संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र गर्ग, महामंत्री संदीप शेरेवाला आदि ने विचार रखे।
Published on:
22 Sep 2017, 5:22 PM IST
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