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Video: सैकड़ो पेड़ो पर चलेगी कल्हाडी

50 हेक्टयर भूमि अवाप्त, फिर भी पेड़ काटकर आवास बनाने की तैयारी।
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श्री गंगानगर

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Sonakshi Jain

•

Updated: 27 Nov 2017, 4:48 PM IST

hundred of trees will be cut

hundred of trees will be cut

सूरतगढ थर्मल। वर्षो से रखरखाव के अभाव में उजड़े पार्क और प्रशासनिक अनदेखी के कारण कटते पेड़ो वाली सूरतगढ सुपर थर्मल परियोजना की आवासीय कॉलोनी में सैकड़ो पेड़ो पर कुल्हाडी चलाने की तैयारी हो रही है। जल्द ही विद्युत उत्पादन शुरू करने वाली 660-660 मेगावाट की सातवी आठवी इकाइयों के अभियंताओ एवम कर्मचारियों के लिए बनने वाले आवासो के लिए आवासीय कॉलोनी में सैकड़ो पेड़ काटे जाने की तैयारियां चल रही है।

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भूमि वहां निर्माण यहां

उत्पादन निगम प्रशासन द्वारा सुपर क्रिटिकल इकाइयों के निर्माण हेतु भूमि अवाप्त करने के साथ साथ इन इकाइयों में कार्यरत कर्मचारियों अधिकरियो के आवासो हेतु वर्तमान कॉलोनी दोनो छोर से सटी 50 हेक्टयर भूमि भी अवाप्त की थी एवम करीब सवा करोड़ रुपये की लागत से इसकी चारदीवारी करवाकर करीब दो वर्ष पूर्व पूर्वी छोर पर तो करीब दो वर्ष पूर्व 11 करोड़ की लागत से 52 आर - 4 श्रेणी के आवासो का निर्माण भी करवाया गया है। अब निगम प्रशासन द्वारा सुपर क्रिटिकल इकाइयों हेतु अलग से भूमि होते हुए भी वर्तमान कॉलोनी में पेड़ो के लिए संरक्षित आर-1 पार्क के समीप की भूमि पर आर-3 श्रेणी की दुमंजिला आवास बनाने की निविदा निकालने की तैयारी में है। इस सम्बन्ध में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है।

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कटेंगे सैकड़ो पेड़

परियोजना प्रशासन द्वारा सुपर क्रिटिकल इकाइयों के अभियंताओ एवम कर्मचारियों के लिए बनने वाले करीब 108 आर-3 श्रेणी के आवासो के लिए चिन्हित आर-1 पार्क के नजदीक की भूमि एवम फील्ड हॉस्टल के लिए चिन्हित आवासीय कॉलोनी मुख्य द्वार के समीप जीएसएस के पास की भूमि पर सैकड़ो छायादार एवम फल वाले पेड़ लगे हुए है।ऐसे में इन इमारतों के निर्माण में सैकड़ो पेड़ो की बलि चढ़ेगी।

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पर्यावर्णीय नियमो की अनदेखी

तपीय परियोजनाओं में जलने वाले कोयले से होने वाले प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए करीब एक तिहाई भूमि पर हरित क्षेत्र विकसित करना आवश्यक है। सुपर क्रिटिकल इकाइयों की आवासीय कॉलोनी हेतु दोनो ओर अवाप्त रेगिस्तानी 50 हेक्टयर भूमि में नाममात्र के पेड़ लगे हुए है। ऐसे में वर्तमान कॉलोनी के आवासीय क्षेत्र में पूर्णत विकसित पेड़ो को उजाड़ कर निर्माण कार्य करवाना पर्यावरणीय नियमो की अनदेखी है। सलाहकार को किया जा चुका है भुगतान- मिली जानकारी के अनुसार सुपर क्रिटिकल इकाइयों की भूमि अवाप्ति एवम चारदीवारी के बाद उत्पादन निगम प्रशासन द्वारा कॉलोनी विकास जा खाका तैयार करने के लिए सलाहकार कम्पनी को भी नियुक्त किया गया था। इस हेतु विभाग द्वारा इस कम्पनी को भुगतान भी कर दिया गया है।

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इनका कहना

दोनो सुपर क्रिटिकल इकाइयों से विद्युत उत्पादन की तैयारी है, लेकिन सुपर क्रिटिकल इकाई क्षेत्र में वृक्षारोपण के नाम पर कुछ नही हुआ है। ऐसे में बिजली उत्पादन के दौरान होने वाले प्रदूषण से निपटने की तैयारी तो दूर आवास निर्माण के आम पर सैकड़ो पेड़ ओर काटे जा रहे है। विभाग केओ चाहिए कॉलोनी हेतु अवाप्त भूमि पर ही आवासो का निर्माण करवाये। श्याम सुंदर शर्मा अध्यक्ष, सूरतगढ विद्युत उत्पादन मजदूर यूनियन इंटक विभागीय पक्ष नवनिर्मित सुपर क्रिटिकल इकाइयों के अभियंताओ एवम कर्मचारियों के लुए आवासीय कॉलोनी आर-1 पार्क के समीप खाली पड़ी भूमि पर करीब एक सौ आर-3 श्रेणी के दुमंजिला आवासो के निर्माण जा प्रस्ताव जयपुर भिजवाया गया है। जिनकी लागत करीब 35 से 40 करोड़ रुपये आयेगी" एस एल छिम्पा अतिरिक्त मुख्य अभियंता, सिविल सुपर क्रिटिकल इकाई।

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