
parkash utsav held in ganganagar
श्रीगंगानगर। अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार ने कहा कि खालसा पंथ की सर्जना को समझने की जरूरत है। उन्होंने अलगाववाद की आलोचना करते हुए कहा कि बंदूक ने किसी को कभी जिंदगी नही दी। बंदूक किसी को शिक्षा नही दी। गुरुओं ने दुष्ट को नष्ट करने के लिए शस्त्र उठाया, इसलिए इसे धर्म कहा गया। उन्होंने कहा कि सभी को एक होने की जरूरत है।
खालसा पंथ की सर्जन के समय सभी को एक होने का संदेश दिया गया। लेकिन हमने पूजा स्थल और पहनावा भी बदल लिया। मानव मात्र के ही दस गुरु है। राम सभी के लिए एक है। मालिक का बनो यही है गुरु की शिक्षा है। सब को एक होकर रहना वक्त की जरूरत है। चंद लोगों के कारण सभी को बांटने की जरूरत नही। उन्होंने इलाके में धर्म परिवर्तन पर चिंता जताते हुए इसे सिख धर्म के लिए खतरा बताया। उन्होंने कहा कि इस चुनौती को स्वीकार करे। उन्होंने कहा कि गुरुओं की कही बानी कल्याणकारी है।
व्यक्ति सत्य और सही को पहचाने और देश में हिंसा को समाप्त करी। उन्होंने कहा कि बेईमान बुराई लाता है और अच्छे लोग अच्छाई। गुरु गोबिंद सिंह की बानी सभी को जोड़ती है। सभी मिलकर एक हो। भारत मे आने वाला हर व्यक्ति देश की संतान है। वे सभी अपने देश के नायक है। विश्व मे अब चीन भी धमकाने वाला नेता आ गया है। ऐसे में चीनी माल का बहिष्कार करें। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अमर चंद बोरड ने आभार जताया। गौरीशंकर गुप्ता ने कल्याण मंत्र प्रस्तुत किया।
Published on:
30 Sep 2017, 3:36 PM IST
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