
police officer bribe case
घड़साना. पांच दिन पूर्व दुष्कर्म के दर्ज मामलें में कार्रवाही करने के एवज में पच्चीस हजार रिश्वत लेते द्वितीय थानाधिकारी बच्चन सिंह भाटी को एसीबी बीकानेर टीम ने बुधवार सुबह गिरफ्तार कर लिया है। एसीबी ने उपनिरीक्षक की जेब में रखे रिश्वत की राशि बरामद कर ली है। एसीबी ने द्वितीय थानाधिकारी के किराए के मकान की तलाशी ली है। बीकानरे एसीबी टीम के अपर पुलिस अधीक्षक रजनीश पूनिया ने बताया कि कंकराला निवासी अमीन खां ने सोमवार को बीकानेर चौकी में उपस्थित होकर परिवाद दिया था।
जिसमें आरोप था कि ९ सितम्बर को दर्ज बलात्कार के मामलें में कार्रवाही के एवज में तीस हजार रुपए रिश्वत मांगी जा रही है। बिना रिश्वत कार्रवाही नहीं करने की बात कही गई। शिकायत की पुष्टि एसीबी अधिकारियों ने मंगलवार को कर ली। द्वितीय थानाधिकारी ने पच्चीस हजार रुपए एक मुश्त देने की हिदायत दी। जिस पर एसीबी ने बुधवार सुबह जाल बिछाया। द्वितीय थानाधिकारी धानमंडी में एक किराए के मकान में रहता है। उपनिरीक्षक ने अमीन खां ने रुपए देने के लिए सम्र्पक किया तो उसने शीघ्र उसके किराए के मकान पर आने के लिए कहा।
एसीबी अधिकारियों ने जाल बिछा कर अमीन खां को पहली मंजिल में रह रहे उपनिरीक्षक बच्चनसिंह भाटी के पास भेजा। जहां उपनिरीक्षक ने २५ हजार रुपए ले लिए तथा आवश्यक कार्रवाही का आश्वासन दिया। एसीबी के अपर पुलिस अधीक्षक रजनीश पूनिया, निरीक्षक मनोज मूण्ड, एचसी अशोक श्रीमाली, ज्ञानेन्द्र सिंह, हंसराज, महेश सिंह, नरेन्द्र कुमार, गिरधारी दान, अनिल कुमार तथा रामप्रताप ने इशारा मिलने के बाद चारों ओर से घेरा डाल कर थानेदार भाटी को गिरफ्तार कर लिया।
एसीबी अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरफ्तार किए गए उपनिरीक्षक के बीकानेर के पास जयमलसर गांव आवास पर जांच के लिए दूसरी टीम भेजी गई। पहले दर्ज नहीं हुआ था मामला- परिवादी अमीन खां ने बताया कि ८ सितम्बर रात्रि को नईमंडी स्थित जाट कॉलोनी में एक महिला के साथ दुराचार की घटना हुई थी। पीडि़ता को लेकर थाने गया तो कार्यवाहक थानाधिकारी बच्चनसिंह भाटी ने मामला को झूठा बताते हुए दर्ज नहीं किया। इस पर पुलिस उप अधीक्षक के पास फरियाद की तो उनके आदेशों पर मामला दर्ज हुआ था।
Published on:
13 Sep 2017, 2:17 PM IST
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