
prakash utsav of guru gobind singh
श्रीगंगानगर। गुरु गोबिन्दसिंह के प्रकाश उत्सव के उपलक्ष्य में शुक्रवार को गुरुद्वारा सिंघ सभा में कीर्तन कविशरी, दस्तार के मुकाबले देखने को मिले। मुकाबले महिला एवं पुरुषों के हुए। जुनियर वर्ग में 14 वर्ष तक व सीनियर तक 15 22 वर्ष तक की आयु सीमा रखी गई। कीर्तन के मुकाबले में अकाल एकेडमी 10 जैड, नोजगे पब्लिक स्कूल, अरोड़वंश पब्लिक स्कूल, गुरु हरिकृष्ण पब्लिक स्कूल, बिहाणी चिल्ड्रन एकेडमी ने भाग लिया। कविशरी कम्पीटीशन में अकाल एकेडमी 10 जैड, नोजगे पब्लिक स्कूल, अरोड़वंश पब्लिक स्कूल, गुरु हरिकृष्ण पब्लिक स्कूल, बिहाणी चिल्ड्रन एकेडमी व गुरुनानक गल्र्स कालेज ने हिस्सा लिया।
दस्तार सजाने की प्रतियोगिता में गुरु हरिकृष्ण पब्लिक स्कूल, खालसा स्कूल व कॉलेज, खालसा एकेडमी, बिहाणी चिल्ड्रन एकेडमी, नोजगे पब्लिक स्कूल, गुड शेफ्र्ड स्कूल व एसडी स्कूल एवं कालेज के छात्रों के अलावा कई बच्चों ने हिस्सा लिया। दस्तार में हिस्सेदारी खुले तौर पर रखी गई थी। दस्तार मुकाबलों में पहली बार काफी संख्या में लड़किओं ने भाग लिया। इसी तरह कविशरी व कीर्तन मुकाबलों में श्रीगंगानगर के अलावा हनुमानगढ़ के बच्चों ने भी शिरकत की। प्रबन्धकों ने बताया कि इस तरह के मुकाबलों का उद्देश्य बच्चों गुरुओं द्वारा मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करना है। वर्तमान में समाज में नशा व कुरीतियां काफी बढ़ रही हैं।
इनसे बचने का एकमात्र तरीका गुरुओं द्वारा दी गई शिक्षाओं को जीवन में उतारने से ही संभव है। विदित रहे कि गुरु गोबिन्दसिंह के प्रकाश उत्सव के उपलक्ष्य में विभिन्न कार्यक्रम 25 दिसम्बर तक होंगे। इसके अलावा गुरुद्वारा नानक दरबार में सफर ए शहादत का आयोजन गुरुवार को शुरू हुआ, जो २७ दिसम्बर तक चलेगा। काबिलगौर है कि 20 से 27 दिसंबर के बीच गुरु गोबिन्दसिंह के चार साहिबजादे अजीतसिंह, जुझारसिंह, जोरावरसिंह व फतेहसिंह शहीद हो गए थे। युवा पीढ़ी को उनके शहादत की जानकारी हो, इसी उद्देश्य से यह आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष गुरुगोबिन्दसिंह 350वां प्रकाश वर्ष है, इस कारण इसको लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
Published on:
22 Dec 2017, 3:32 PM IST
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