सूरतगढ़ रोड के साथ-साथ डाली गई मुख्य सीवर लाइन चार साल बाद भी शुरू नहीं हो पाई। कार्मिक जैसे ही इसे शुरू करने का प्रयास करते हैं लाइन जाम हो जाती है।एक बार फिर लाइन की सफाई के लिए कार्मिक सप्ताहभर से जुटे हुए हैं। रविवार को भी जिला चिकित्सालय के पास इस लाइन की सफाई का काम चल रहा था।
सीवर लाइन का मिलान नहीं हो पाने के कारण शहरवासियों को सद्भावना नगर स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का लाभ नहीं मिल पा रहा। एक करोड़ लीटर क्षमता के प्लांट की महीनेभर पहले टेस्टिंग हो चुकी है परन्तु पानी नहीं मिलने के कारण वह शुरू नहीं हो पा रहा। यूईएम कंपनी के साइट इंजार्च छोटू ने बताया कि लाइन क्लीयर करने का काम 19 दिसम्बर को चालू किया था। इस 900 एमएम की लाइन की सफाई के लिए रोजाना 15 से 20 कामगार जुटे हुए हैं। रविवार को अवकाश के चलते 10 जनों से ही काम चलाना पड़ा। पाइप से पानी निकालने के लिए तीन टै्रक्टरों की सहायता से बर्मा भी लगाया गया।
सीवर लाइन में घुसकर काम करते हैं श्रमिक
मुख्य लाइन की सफाई के लिए श्रमिक चैम्बर खोलकर लाइन के अंदर घुसकर सफाई करते हैं। तीन से चार जने लाइन में घुसकर प्लास्टिक के कट्टों में गाद और गंदगी डालते हैं जिसे अन्य लेबर रस्सों के जरिए खींचकर बाहर निकालती है।
लाइन क्लीयर होने के बाद परिषद करेगी कनेक्शन जवाहर नगर सहित शहर की कई कॉलोनियों में सीवर लाइन डाली जा चुकी है परन्तु मुख्य लाइन क्लीयर होने के बाद ही नगर परिषद घरों से कनेक्शन करेगी। जिला प्रशासन सीवर कंपनी यूईएम पर शीघ्र लाइन क्लीयर करने के लिए दबाव बनाए हुए हैं।
10 जनवरी तक लाइन क्लीयर करने का दावा
सीवरेज कंपनी यूईएम ने मुख्य पाइप लाइन मिलान का काम शुरू कर रखा है। महाराजा होटल से टाटा मोटर्स के बीच लाइन में गाद भरी हुई है, जिसे 10 जनवरी तक क्लीयर करने का वादा कंपनी प्रतिनिधियों ने किया है। -कैलाशचन्द्र शर्मा, सचिव, नगर विकास न्यास, श्रीगंगानगर।