
Dearness allowance (Photo source- Patrika)
Dearness allowance: छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने राज्य सरकार से महंगाई भत्ता (डीए) तथा पिछले सात वर्षों के एरियर्स की राशि को जीपीएफ खाते में समायोजित करने की मांग की है। संघ ने कहा है कि प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारी एवं पेंशनर केन्द्र सरकार की तिथि से महंगाई भत्ता और राहत से वंचित हैं, जबकि महंगाई दर में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
संघ के प्रदेश सचिव विनायक राम साहू ने बताया कि वर्तमान सरकार ने चुनाव पूर्व कर्मचारियों के मंच से तथा अपने घोषणापत्र में ‘‘मोदी की गारंटी मतलब गारंटी पूरा होने की गारंटी’’ के तहत केंद्र की तिथि से महंगाई भत्ता एवं एरियर्स देने का वादा किया था। लेकिन लगभग दो वर्ष बीत जाने के बाद भी यह घोषणा लागू नहीं की गई है। वर्तमान में प्रदेश के कर्मचारी केंद्र सरकार के कर्मचारियों से 3 प्रतिशत महंगाई भत्ते में पीछे हैं।
संघ ने यह भी कहा कि अन्य भाजपा शासित राज्य अपने कर्मचारियों को जुलाई 2025 से केंद्र के समान महंगाई भत्ते का भुगतान शुरू करने की घोषणा कर चुके हैं। वहीं अनियमित एवं संविदा कर्मचारियों को 100 दिनों के भीतर नियमित करने की जो घोषणा की गई थी, उस पर भी कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की सरकार ने अपने कर्मचारियों को 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता, बोनस और पेंशनरों को राहत देने की घोषणा की है, जबकि वहां कर्मचारियों की संख्या 25 लाख से अधिक है।
Dearness allowance: छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर, 29 अक्टूबर 2025 को शाम 4:30 बजे ऑडिटोरियम सुकमा में रैली आयोजित की जाएगी।
Published on:
28 Oct 2025 12:41 pm
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