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चौकाने वाली खबर: हॉस्टल वार्डन दोस्तों के साथ पिता है शराब और रोज रात बच्चों के साथ करता है ऐसी हरकत..

पोटाकेबिन बालक आश्रम की स्तिथी डमडोल, वार्डन हॉस्टल में दोस्तों के साथ पीता है शराब और नशे में बच्चों को करता है प्रताड़ित
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सुकमा

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Bhupesh Tripathi

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Updated: 20 Aug 2019, 5:26 PM IST

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चौकाने वाली खबर: हॉस्टल वार्डन दोस्तों के साथ पिता है शराब और रोज रात बच्चों के साथ करता है ऐसी हरकत..

सुकमा। सोमवार को पोटाकेबिन बालक आश्रम तोगंपाल के 60 छात्रों ने सुकमा जिला कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर चंदन कुमार से शिकायत की। छात्रों ने अधीक्षक पर आरोप लगाते हुए कहा है कि अधीक्षक आश्रम के अन्दर अपनी रूम में अपने दोस्तों को बुलाकर के शराब पीते है और नशे में आकर छात्रो से जबरदस्ती करते हैं। "मैं गुण्डा भी हूं हीरो भी हूं" कहकर छात्रों को धमकाता है।

छात्रों ने बताया की पोटाकेबिन अधीक्षक छात्रों के साथ शराब पीकर मारपीट करता है और उन्हें सुबह नाश्ता भी नहीं दिया जाता । भोजन की व्यवस्था मीनू के अनुसार नही दिया जाता । भरपेट भोजन भी नहीं मिलने के साथ पोटाकेबिन के दुर्दशा की व्यथा कलेक्टर को छात्रों ने सुनाई। छात्र अधीक्षक पर आरोप लगाते हुए कहा है, अधीक्षक आश्रम के अन्दर अपनी रूम में अपने दोस्तों को बुलाकर के शराब पीते है और नशे में आकर छात्रो को मारपीट करता है।

छात्रों की शिकायत को जिला प्रशासन गंभीरता से न लेकर कोई आश्वासन नही दिए जाने से छात्र नेताओं का कहना था कि जिला प्रशासन को त्वरित संज्ञान में लेकर तत्काल कार्यवाई करनी चाहिए।

शिकायत के बाद पर बाद भी प्रशासन गंभीर नहीं
ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन की प्रदेश अध्यक्ष महेश कुंजाम ने जिला प्रशासन को आरोप लगाते हुए कहा है कि जब आश्रम की जिम्मेदारी दे रहे थे तब क्या अनुभव के साथ दिया गया है व किस आधार पर जिम्मेदार दिया गया है। जबकि क्षेत्र के अनुसार आदिवासी छात्रावास, आश्रम में एसटी कैटेगरी के व स्थानीय अधीक्षको की जिम्मेदारी देने का नियम है। लेकिन प्रशासन मनमानी खमीशनखोरी लेन देन के आधार पर आदिवासी छात्रावास आश्रमो में जिम्मेदार दिया जा रहा है।

जिले में कई छात्रावास आश्रम में जनरल अधीक्षकों को जिम्मेदारी दिया गया है। जबकि आदिवासी छात्रावास आश्रम में आदिवासी अधीक्षक सेवा दिया जाना चाहिए। ये सब मनमानी प्रशासन तरिके से किया जा रहा है। तोगंपाल पोटाकेबिन की समस्या को लेकर छात्र कलक्टर आफिस पहुंच कर शिकायत को अतिशीघ्र संज्ञान में लेकर कार्यवाई करने कहा है। अन्यथा ऑल इंडिया स्टूडेन्टस फेडरेशन आंदोलन के लिए बाध्य होगी।