
कभी मायावती के खास सिपहसालार थे पूर्व मंत्री समेत ये चार नेता, अब बीजेपी में हो सकते हैं शामिल
राम सुमिरन मिश्र
सुलतानपुर. बसपा के निष्कासित जिले के कई कद्दावर नेता समर्थकों संग भाजपा में शामिल हो सकते हैं। कुछ के कांग्रेस पार्टी में भी जाने की अटकलें हैं। बीते दिनों पार्टी विरोधी गतिविधियों से नाराज मायावती ने सुलतानपुर के चार बड़े नेताओं को बहुजन समाज पार्टी से निष्कासित कर दिया था। जिले के ये चारों नेता कभी बसपा सुप्रीमो के खास सिपहसालार माने जाते थे, अब बसपा को हराने के लिये बीजेपी से हाथ मिलाने को तैयार है। इनमें पूर्व मंत्री विनोद सिंह, पूर्व विधायक भगेलूराम, जिला प्रभारी राजमणि वर्मा और 2017 में बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके मुजीब अहमद का नाम शामिल है।
सुलतानपुर के सियासी गलियारों में पूर्व मंत्री विनोद सिंह और बसपा के जिला प्रभारी रहे राजमणि वर्मा के बीजेपी में शामिल होने की चर्चा जोरों पर है। वहीं, पूर्व विधायक भगेलूराम और मुजीब अहमद के कांग्रेस पार्टी में शामिल होने की बात कही जा रही है। दौड़-भाग शुरू हो चुकी है, लेकिन अभी इन नेताओं की ओर से ऐसा कोई बयान सामने नहीं आया है। इन नेताओं के समर्थक भी बीजेपी-कांग्रेस में शामिल होने के संकेत दे रहे हैं।
मायावती सरकार में पर्यटन मंत्री थे विनोद सिंह
कभी कांग्रेस के टिकट पर सुलतानपुर जिले की लम्भुआ विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके पूर्व मंत्री विनोद सिंह की राजनेता के रूप में पहचान बसपा से ही बनी। लम्भुआ से बसपा के टिकट पर पहली बार विधायक बने विनोद सिंह बसपा सुप्रीमो के इतने खास बन गए थे कि कई वरिष्ठ नेताओं पर तरजीह देकर मायावती ने उन्हें 2007 में मंत्रिमंडल में शामिल कर पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बना दिया। विनोद सिंह मायावती सरकार में वे बहुत ही ख़ास मंत्रियों में से एक थे। या यूं कहिये कि इन्हें बसपा नेता के रूप में जाना जाने लगा था। विनोद सिंह के कहने पर ही मायावती ने इनके भाई अशोक सिंह को विधान परिषद सदस्य बनवाया था। लेकिन अब उन पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप के चलते मायावती ने बिना देर किये इन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया।
तीन बार विधायक बने भगेलूराम
सुलतानपुर जिले की कादीपुर विधानसभा सीट से तीन बार विधायक रहे भगेलूराम पहली बार वर्ष 1993 में सपा-बसपा गठबंधन में विधायक चुने गए। इसके बाद साल 2002 और 2007 के विधानसभा चुनाव में कादीपुर सुरक्षित सीट से लगातार दो बार विधायक चुने गए। भगेलूराम पार्टी पदाधिकारी भी रह चुके हैं। इन्हें भी पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते बसपा से बाहर कर दिया गया। चर्चा है कि भगेलूराम कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं।
पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित
पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में बसपा सुप्रीमो मायावती ने बीते दिनों सुलतानपुर के जिला प्रभारी राजमणि वर्मा को बसपा से निष्कासित कर दिया। इनके साथ ही वर्ष 2017 में सुलतानपुर से विधानसभा का चुनाव लड़ चुके मुजीब अहमद को भी पार्टी से निकाल दिया गया है। सियासी गलियारों में राजमणि वर्मा के बीजेपी और मुजीब अहमद के कांग्रेस पार्टी ज्वॉइन करने की बात कही जा रही है।
बसपा से इन्हें मिल चुकी थी चेतावनी
बसपा जिलाध्यक्ष डॉ. ओम प्रकाश गौतम ने कहा कि ये चारों नेता पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त थे। पार्टी आलाकमान की ओर से इन्हें कई बार चेतावनी भी दी गई, लेकिन इनकी कार्यशैली में सुधार नहीं आया और ये लोग पार्टी को कमजोर करते रहे। इसके बाद पार्टी सुप्रीमो मायावती ने इन सभी को पार्टी से निष्कासित कर दिया।
Published on:
18 Aug 2018, 1:27 PM IST
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