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Online fraud: मोबाइल पर आया मिस्ड कॉल और SECL श्रमिक नेता के खाते से गायब हो गए 1.94 लाख रुपए

Online fraud: खुद को स्टेट बैंक मुंबई के कंफर्मेशन डिपार्टमेंट का अधिकारी बताकर यूपीआई ट्रांजेक्शन के माध्यम से उड़ा लिए रुपए

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Online fraud

Online fraud (demo pic)

बिश्रामपुर। एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र के श्रमिक नेता के साथ सप्ताह भर पूर्व यूपीआई ट्रांजेक्शन के माध्यम से 1 लाख 93 हजार 993 रुपए की ठगी (Online fraud) हुई थी। इस मामले में मंगलवार को पुलिस ने अपराध दर्ज कर अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरु कर दी है। दरअसल ठगी का यह खेल मोबाइल पर आए मिस्ड कॉल के माध्यम से हुआ था। खुद को मुंबई स्थित एसबीआई का अधिकारी बताकर खाते से संदिग्ध ट्रांजेक्शन होने की बात कही। इसके बाद उसने 2 दिन के भीतर कई बार में रुपए गायब कर दिए।

सूरजपुर जिले के बिश्रामपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत एसईसीएल आवासीय 1 सी कॉलोनी क्वार्टर नंबर 42 निवासी महेश कुमार गुप्ता पिता स्व. दयाचंद गुप्ता एसईसीएल में कार्यरत हैं। उनके भारतीय स्टेट बैंक खाते से सप्ताह भर पूर्व 2 दिनों में कई किश्तों में रकम निकाल ली गई थी। पीडि़त को इस बात की भनक तक नहीं लगी और ठग (Online fraud) बड़ी चालाकी से अपना काम कर गए।

घटना 10 मार्च की रात करीब 11.56 बजे एक अनजान नंबर से आए मिस्ड कॉल से हुई। जब महेश गुप्ता ने उस नंबर पर वापस कॉल किया, तो उनका नंबर बंद बताया गया। घबराए श्रमिक नेता ने तत्काल जियो हेल्पलाइन नंबर 199 पर संपर्क किया, जहां उन्हें चौंकाने वाली जानकारी मिली कि उनके ही नंबर को गुम बताकर बंद करा दिया गया है।

हालांकि आधार कार्ड के अंतिम 4 अंक बताने के बाद उनका नंबर दोबारा चालू (Online fraud) कर दिया गया। लेकिन यहीं से ठगों की असली चाल शुरू हो चुकी थी।

एसबीआई मुंबई का अधिकारी बताकर ठगी

बताया जा रहा है कि घटना दिवस रात करीब 12.50 बजे एक अन्य नंबर से कॉल आया, जिसमें कॉलर ने खुद को मुंबई स्थित एसबीआई कंफर्मेशन डिपार्टमेंट का अधिकारी बताया। उसने कहा कि खाते से संदिग्ध यूपीआई ट्रांजेक्शन हुए हैं और सुरक्षा के लिहाज से यूपीआई होल्ड कर दिया गया है।

इतना ही नहीं ठगों ने भरोसा जीतने के लिए पीडि़त के खाते का एक महीने का स्टेटमेंट भी ईमेल कर दिया। जब महेश गुप्ता ने स्टेटमेंट देखा, तो उनके होश उड़ गए। बताया जा रहा है कि ठगों (Online fraud) ने 9 मार्च को 7 बार में 94 हजार 997 रुपए व 10 मार्च को 6 बार में 98 हजार 996 रुपए अलग-अलग अज्ञात खातों में ट्रांसफर कर दिए हैं। खास बात यह है कि ये सभी ट्रांजेक्शन पीडि़त की जानकारी के बिना हुए हैं।

Online fraud: पुलिस ने दर्ज किया अपराध

मामले (Online fraud) की गंभीरता को देखते हुए पीडि़त ने थाना बिश्रामपुर में लिखित आवेदन दिया था और साथ ही एनसीआरबी पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने मंगलवार को मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318 (4) एवं 66 डी के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और संदिग्ध मोबाइल नंबरों व बैंक खातों की पड़ताल की जा रही है।