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इंट्रास्टेट इ-वे बिल से मुक्ति की उठी आवाज

कैट ने जीएसटी कमिश्नर को लिखा पत्र
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इंट्रास्टेट इ-वे बिल से मुक्ति की उठी आवाज

सूरत.

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने जीएसटी कमिश्नर पी.डी वाघेला को पत्र लिखकर एक ही शहर में इंस्ट्रास्टेट इ-वे बिल से मुक्ति दिए जाने की मांग की है।
कैट के गुजरात चैप्टर के प्रमुख प्रमोद भगत ने बताया कि जीएसटी कमिश्नर से मांग की गई है कि एक ही शहर में माल के आवागमन में इ-वे बिल से छूट दी जाए। इसके अलावा पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु सरकार की तरह गुजरात में भी एक लाख रुपए तक के माल के आवागमन पर इ-वे बिल नहीं लिया जाए। तमिलानाडु सरकार ने यार्न तथा फैब्रिक्स से जुड़ी तमाम वस्तुओं और सेवाओं को इ-वे बिल से छूट दी है। गुजरात में भी इ-वे बिल से मुक्ति दी जानी चाहिए।

दो व्यापारियों से एक करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी
दिल्ली की एक पार्टी ने सूरत के दो व्यापारियों से लेस पट्टी का माल लेकर एक करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी की। इस संबंध में वराछा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक दिल्ली में गांधीनगर निवासी मनोज गुप्ता और राजू गुप्ता ने मोटा वराछा रिवर हेवन निवासी हरेश रादडिया तथा जीतेन्द्र पोसिया के साथ धोखाधड़ी की। अश्वनी कुमार रोड पर पटेलनगर में सुविधा फैशन के नाम से लेस पट्टी का कारोबार करने वाला हरेश जनवरी २०१५ में ऑनलाइन साइट के जरिए दिल्ली में सिद्धि विनायक टैक्सटाइल और गर्ग इंडरप्राइज के नाम से कपड़े का कारोबार करने वाले मनोज तथा राजू के संपर्क में आया था। मनोज ने सूरत के कुछ व्यापारियों की पहचान देकर हरेश के साथ कारोबार शुरू किया। शुरू में छोटे पैमाने पर ऑर्डर देकर उसने समय पर भुगतान किया। उसके बाद बड़ा एक्सपोर्ट का ऑर्डर बताकर ५६ लाख १० हजार ३६६ रुपए का माल उधार लिया, लेकिन उसका भुगतान नहीं किया। हरेश ने दिल्ली जाकर उससे संपर्क किया, लेकिन उसने भुगतान करने से मना कर दिया। इसी तरह जीतेन्द्र पोसिया से भी ५० लाख रुपए से अधिक का माल लिया गया और भुगतान नहीं किया गया। हरेश ने बुधवार रात वराछा थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई।