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रक्षा बंधन के दिन तापी में डूबे थे 84 लोग

70 साल पूर्व हुआ था हादसा, सूरती एक दिन बाद बांधते है राखी
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रक्षा बंधन के दिन तापी में डूबे थे 84 लोग

सूरत. भाई-बहन के पवित्र प्रेम का पर्व रक्षा बंधन रविवार को शहर के प्रवासी बहुल क्षेत्रों में धूम धाम से मनाया जायेगा। वहीं मूल सूरती होडी होनारत (नौका हादसा) के चलते सोमवार को रक्षा बंधन मनाएंगे।


रक्षा बंधन की पूर्व संध्या पर शनिवार को शहर के बाजारों में भी रौनक देखने को मिली। बहनें भाईयों के लिए राखियां खरीदती हुई नजर आई तो भाई अपनी बहनों के लिए उपहार लेते हुए दिखे।


रविवार को शुम मुर्हूत में अधिकतर पारम्परिक वेषभूषा में सज धज कर अपने भाईयों के घर जायेंगी और उन्हें राखी बांधेंगी। वहीं मूल सूरती होडी होनारत के शोक के चलते रविवार को राखी नहीं बांधेंगे। वे सोमवार को रक्षाबंधन मनाएंगे।

70 साल पूर्व तापी में डूबे थे ८४ लोग

रक्षा बंधन का त्यौहार मूल सूरतियों को ७० साल पूर्व १९३८ में हुई नौका हादसे (होडी होनारत) की बरबस याद दिला देता है। रक्षा बंधन के दिन ही हुए इस हादसे में ८४ लोगों की तापी नदी में डूबने से मौत हो गई।


एक भी व्यक्ति बच नहीं पाया था। उस दौरान वार त्यौहारों पर मनोरंजन के लिए नौका विहार के आयोजन होते रहते थे। रक्षा बंधन के दिन अरब सागर में आए ज्वार का शांत तापी नदी में भी उफान ला दिया था।


उंची लहरों ने इस त्रासदी को अंजाम दिया। इस घटना का उस समय के छोटे से शहर सूरत में व्यापक असर हुआ था। इस वजह से सूरतियों ने रक्षा बंधन मनाना बंद कर दिया। रक्षा बंधन को शोक दिवस को छोड़ कर अगले दिन राखी बांधने व बंधवाने की परम्परा शुरु हो गई।


जो इतने वर्षो बाद भी राणा, मोढ़ वणिक, खत्री, सोनी, जैन वाणिया, कच्छिया कनबी, लुहार, सुधार आदि मूल सूरती समुदायों में जारी है। वे रक्षाबंधन के दिन राखी नहीं बांधते है। वे अगले दिन रक्षा बंधन मनाते है। अधिकतर सूरती सोमवार को रक्षा बंधन मनाएंगे।