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विंबलडन: बार्टी ने प्लिस्कोवा को हराकर जीता महिला एकल खिताब

एशले, जो पांच साल में महिला एकल फाइनल में पहुंचने वाली पहली विश्व नंबर-1 बन गई थी।

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नई दिल्ली। विश्व की नंबर-1 एशले बार्टी ने शनिवार को विंबलडन चैंपियनशिप में आठवीं वरीयता प्राप्त कैरोलिना प्लिस्कोवा को एक घंटे और 55 मिनट में तीन सेटों में 6-3, 6-7(4), 6-3 से हराकर महिला एकल का खिताब जीत लिया। एशले, जो पांच साल में महिला एकल फाइनल में पहुंचने वाली पहली विश्व नंबर-1 बन गई थी अब वीनस रोजवाटर डिश उठाने वाली इवोन गूलागोंग कावले (1980) के बाद 41 साल में पहली ऑस्ट्रेलियाई महिला खिलाड़ी बन गई हैं। 2019 फ्रेंच ओपन के बाद यह उनका दूसरा ग्रैंड स्लैम खिताब है।

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फाइनल में बार्टी ने की अच्छी शुरुआत
फाइनल में एश्ले बार्टी ने अच्छी शुरुआत की। उन्होंने शुरुआत में ही कैरोलिना प्लिस्कोवा की दो सर्विस ब्रेक की और पहले सेट में 4-0 की बढ़त बना ली। हालांकि इसके बाद प्लिस्कोवा ने वापसी की और स्कोर 3-5 कर दिया। लेकिन इसके बाद बार्टी ने अपनी सर्विस में जीत हासिल कर पहला सेट 6-3 से अपने नाम किया। लेकिन प्लिस्कोवा ने दूसरा सेट 7-6 से जीतकर स्काेर 1-1 से बराबर कर दिया।

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अंतिम सेट में प्लिस्कोवा को बार्टी ने नहीं दिया कोई मौका
अंतिम सेट में 25 साल की एश्ले बार्टी ने कैरोलिना प्लिस्कोवा को कोई मौका नहीं दिया। उन्होंने 3-0 की बढ़त बना ली थी। इसके बाद स्कोर 4-2 हुआ। अंत में बार्टी ने सेट 6-3 से जीतकर मुकाबला अपने नाम किया। यह मुकाबला एक घंटे 55 मिनट तक चला। बार्टी सितंबर 2019 से टॉप रैंकिंग पर बनी हुई हैं। यह उनकी सिंगल्स में ओवरऑल 281वीं जीत है। उन्हें 100 मैच में हार मिली है। यह उनके ओवरऑल करियर का 12वां सिंगल्स टाइटल है।

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बिग बैश लीग में उतर चुकी हैं
एश्ले बार्टी टेनिस से पहले 2015-16 में ऑस्ट्रेलिया की टी20 लीग बिग बैश में भी उतर चुकी हैं। वे ब्रिस्बेन हीट की और से खेलती थीं। हालांकि 9 मैच में वे एक भी अर्धशतक नहीं लगा सकी थीं। 39 रन उनका सबसे बड़ा स्कोर रहा था। वे टोक्यो ओलंपिक में भी दमखम दिखाएंगी। वहीं पुरुष सिंगल्स की बात की जाए तो सर्बिया के नोवाक जोकोविच फाइनल में पहुंच गए हैं। वे खिताब के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं।