
युवक बोला- 'माता ने सपने में आकर कहा, अगर कोरोना से बचना है तो एक साथ पूरे गांव को मंदिर आकर चढ़ाना होगा जल', उमड़ पड़ी भीड़
टीकमगढ़/ मध्य प्रदेश में लोगों पर कोरोना संक्रमण की दहशत बैठने लगी है। आलम ये है कि, सरकार की कोरोना गाइडलाइन को मानने के बजाए, लोग अंधविश्वास पर यकीन करके कोरोना से निजात पाना चाहते हैं। ऐसे ही एक हैरान कर देने वाला नजारा सूबे के टीकमगढ़ जिले के ग्राम गैलवारा में नजर आया, जहां एक अफवाह के फैलते ही लोगों ने न तो सोशल डस्टेंसिंग की परवाह की और न ही प्रशासन की दीगर गाइडलाइन की और एक साथ सैकड़ों लोगों को एक बार फिर कोरोना संक्रमण के बीच झौंक दिया।
एक अफवाह ने कर दिये कोरोना नियम तितर-बितर
आपको बता दें कि, ग्राम गैलवारा में एक अफवाह फैली कि, गांव के सभी लोग एक साथ गांव में बने अछरूमाता के मंदिर में एक साथ जल चढ़ाएंगे गांव से कोरोना तुरंत भाग जाएा। इसके लिये बुधवार का दिन भी सुनिश्चित कर लिया गया। अफवाह आग की तरह गांव में फैल गई और देखते ही देखते गैलवारा और आसपास के गांवों के सैकड़ों की संख्या लोग मंदिर में इकट्ठे हो गए। कोरोना संक्रमण से मुक्ति पाने के लिए अछरूमाता मंदिर में जल चढ़ाने ये लोग झुंड के झुंड बनाकर पहुंचने लगे। इस दौरान कोई लेटकर मंदिर पहुंचा, कुलाट लगाता हुआ, तो कई पैदल। जब तक मामले की जानकारी प्रशासन और पुलिस को लगी, तब तक मंदिर परिसर तक सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण पहुंच चुके थे। और सैकड़ों लोग सड़कों पर थे, जिन्हें पुलिस द्वारा रोकने का प्रयास तो किया गया, लेकिन वो भी असफल साबित हुआ। कुल मिलाकर जिम्मेदारों के सामने कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां उड़ती रहीं।
इसलिये बिगड़े हालात
आपको बता दें कि, ग्राम पंचायत गैलवारा में एक रामबगस कुशवाहा नामक व्यक्ति रहता है। इसी के लोगों को बहकाने पर ये स्थिति उत्पन्न हुई है। रामबगस कुशवाहा मंगलवार सुबह से ही गांव भर में कहना शुरु कर दिया था कि, उसे रात को सपने में अछरूमाता ने दर्शन दिये हैं। साथ ही, ये भी कहा कि, अगर गांव के सभी लोग एक साथ मिलकर मुझे जल चढ़ाएंगे, तो गांव में कोरोना को हाहाकार नहीं मचाने दूंगी। देखते ही देखते रामबगस कुशवाहा की ये बात इलाके के लोगों में आग की तरह फैल गई। यही वजह है कि, बुधवार सुबह 6 बजे से ही गांव से सैकड़ों की संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे अछरूमाता के दर्शन के लिए हाथ में जल का लौटा लेकर निकल पड़े।
चंद लोग ही मानें, बाकि जद्दोजहद करके पहुंच गए एक साथ मंदिर
पुलिस और प्रशासन को इस संबंध में उस समय जानकारी लगी, जब भीड़ टीकमगढ़-झांसी मार्ग पर पहुंच चुकी थी। जिस पर बल के साथ मौके पर पहुंचे। जहां तहसीलदार अनिल तलैया, उपनिरिक्षक नम्रता गुप्ता ने ग्रामीणों को रोककर समझाया कि कोरोना के चलते आप लोग इकठ्ठा होकर कहीं न जाएं। हालांकि, चंद लोग तो प्रशासनिक समझाइश के बाद वापस लौट गए, लेकिन अकसर लोग टीम से जद्दोजहद करते हुए अछरूमाता के दर्शन कर उन्हें जल चढ़ाने मंदिर पहुंच गए।
गांव में जल न चढ़ाने कराई थी मुनादी
पंचायत गैलवारा सचिव रविंद्र यादव ने बताया कि पंचायत की तरफ से गांव में मुनादी कराई थी कि जल चढ़ाने से गांव कोरोना से मुक्त नहीं होगा। इसके बाद भी गांव के रामबगस कुशवाहा के कहने पर सभी लोग अछरूमाता मंदिर पर जल चढ़ाने के लिए एकत्रित हो गए। हालांकि, गैलवारा थाना प्रभारी नरेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि, ग्राम पंचायत के सचिव रविंद्र यादव की रिपोर्ट पर कोरोना काल में कोरोना गाइड लाइन का उल्लंघन करने पर गैलवारा ग्राम के रामबगस कुशवाहा के खिलाफ धारा 188, 269, 270 व आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इसके अलावा, जांच में जिन लोगों द्वारा कोरोना नियमों क तोड़ा गय है,उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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Published on:
20 May 2021 10:16 pm
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