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चार साल बाद पुत्र को देख फफक पड़ा सूर्यकांत, ग्रामीणों ने मानवता दिखा होटल में दिलाई थी शरण

Missing father found after four years: चार साल से नयागांव में रह रहे सूर्य की विदाई के समय ग्रामीणों की आंखों में खुशी के आंसू रूकने का नाम नहीं ले रहे थे। ग्रामीणों ने सूर्यकांत को माला एवं साफा पहनाकर विदा किया।  

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चार साल बाद पुत्र को देख फफक पड़ा सूर्यकांत, ग्रामीणों ने मानवता दिखा होटल में दिलाई थी शरण

चार साल बाद पुत्र को देख फफक पड़ा सूर्यकांत, ग्रामीणों ने मानवता दिखा होटल में दिलाई थी शरण

दूनी. चार साल से अपने परिवार से बिछुडऩे का गम झेल रहे सूर्यकांत को यह नहीं पता था किसी दिन उसके जीवन में खुशियां का सवेरा आएगा। उड़ीसा निवासी सूर्यकांत भुयां गुरुवार को अचानक चार साल बाद परिचितों सहित उसको लेने आए पुत्र को देखकर गला रूंध आया और ‘चार साल बाद पापा की याद आई है रंजन’ कह जोर से फफक पड़ा और ओर बेटे के गले लगाने पर खुशी के आंसू बह निकले।

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सालों बाद पिता-पुत्र का मिलन देख मौजूद ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गई। बाद में ग्रामीण पिता-पुत्र एवं अन्य परिचितों को घाड़ थाने की सरोली पुलिस चौकी लेकर गए और कानूनी कार्रवाई बाद सूर्यकांत को पुत्र व परिचितों को सौंप दिया। कार्यवाहक चौकी प्रभारी भैंरूलाल जाट ने बताया की भटक कर आया मानसिक रोगी मुलेड़ा थाना बस्ता जिला बालेश्वर (उड़ीसा) निवासी सूर्यकांत (45) पुत्र चन्द्रकांत भुयां है।

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उन्होंने बताया की मानसिक रोग से ग्रस्त सूर्यकांत चार साल पूर्व भटक कर जयपुर-कोटा राजमार्ग की भरनी पंचायत के नयागांव (रानीपुरा) गांव पहुुंचा था। अनजान गांव में वह कई दिनों तक भटकता रहा। इस पर आमली-देवल्या निवासी राजाराम मीणा, रमेशकुमार मीणा सहित ग्रामीणों ने उसे भजन नामक व्यक्ति के ढाबे पर काम पर रख दिया, लेकिन कुछ दिनों पहले मालिक ढाबा बंद कर चला गया।

अब तो सूर्यकांत के खाने के भी लाले पडऩे लगे। इस पर राजाराम मीणा प्रतिदिन उसके लिए घर से खाना लाता रहा। इसी दौरान पुलिस की हाइवे पेट्रोलिंग वाहन में तैनात चालक गणेश चौधरी ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद लेकर सूर्यकांत से पूछताछ कर उसका गांव खोज निकाला और वहां की पुलिस की मदद ले परिजनों को सूचना दी। सूर्यकांत के जिंदा होने की सूचना पाकर परिजनों व परिचितों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और वह दिए पते पर सूर्यकांत को लेने पहुंच गए।

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सूर्यकांत ने पत्नी व पुत्रों के पुछे हालचाल
उड़ीसा से नयागांव आए पुत्र रंजन, परिचित आशीष दास व संन्यासी साहू को देख सूर्यकांत एकदम से खड़ा हो गया और आंखें खुशी से चमक उठी। फिर साथ आए पुत्र रंजन को पहचान फफक पड़ा। इसके बाद सूर्यकांत ने पत्नी गोरीमणी भुयां, बड़े पुत्र राधाकांत व छोटे पुत्र गौतम भुयां सहित परिजनों की जानकारी ली। वहीं साथ आए परिचित किसान संन्यासी साहू व ई-मित्र संचालक आशीष दास से अपने गांव के बड़े-बुजुर्गों व परिचितों की कुशलक्षेम पुछी।


माला व साफा पहनाकर किया सूर्यकांत को विदा
चार साल से नयागांव में रह रहे सूर्य की विदाई के समय ग्रामीणों की आंखों में खुशी के आंसू रूकने का नाम नहीं ले रहे थे। पुलिस की कार्रवाई पूर्ण होने पर वापस नयागांव लाकर ग्रामीणों ने सूर्यकांत को माला एवं साफा पहनाकर विदा किया। इस दौरान सूर्यकांत की आंखे परिजनों से मिलने की खुशी व चार साल मिले ग्रामीणों का प्यार पाकर आंसूओ से भर आई। इस मौके पर हसंराज मीणा, शिवजीलाल यादव, बनवारीलाल मीणा, सुवालाल मीणा व महिला-पुरुष व बच्चे मौजूद थे।