
प्रदेश में पहला केन्द्र बन रहा है टोंक में, सरकारी स्तर पर अल्पसंख्यक महिलाएं कर सकेंगी आइटीआइ
टोंक. अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं तथा बालिकाओं को सक्षम बनाने के लिए सरकार ने उन्हें कार्य सिखाने के लिए आइटीआइ खोलने की तैयारी की है। इसमें सरकारी स्तर पर प्रदेश की अल्पसंख्यक समुदाय की बालिकाएं व महिलाएं आइटीआइ कर सकेगी। केन्द्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मामलात विभाग की ओर से टोंक में 5 करोड़ रुपए की लागत से आइटीआइ केन्द्र बनवाया जा रहा है।
ये केन्द्र सम्भवतया प्रदेश का पहला केन्द्र होगा, जो अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं के लिए होगा। इसका कारण है कि प्रदेश में टोंक सर्वाधिक अल्पसंख्यक समुदाय वाला शहर है। इसी के चलते ये केन्द्र टोंक में स्वीकृत हुआ है। इसमें महिलाओं के लिए पांच ट्रेड चलेंगे। महिलाएं फैशन डिजाइनिंग, कम्प्यूटर, इलेक्ट्रिशियन व ब्यूटी पार्लर आदि आदि के कार्य सीखेंगी। केन्द्र खुलने के बाद इसमें 200 महिलाओं को प्रवेश दिया जाएगा।
महिलाएं बनेंगी आत्मनिर्भर
विभाग की मंशा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। आइटीआइ में प्रशिक्षण लेने के बाद उन्हें कार्य करने के कई मौके मिलेंगे। प्रदेश में टोंक में आइटीआइ खोलने का कारण है कि सर्वाधिक अल्पसंख्यक समुदाय की आबादी वाला टोंक शहर है।
शहर में नहीं है कोई रोजगार
अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं के लिए टोंक में रोजगार के किसी भी प्रकार अवसर नहीं है। ना ही औद्योगिक क्षेत्र है और ना ही घर पर चलने वाला किसी प्रकार का लघु उद्योग है। अपने स्तर पर कार्यकरने के लिए अनुभव देने वाला कोई संस्थान नहीं है। ऐसे में महिलाएं महज खाली समय बीड़ी बनाने पर ही निर्भर है। आइटीआइ के बाद वे ब्यूटी पार्लर, कम्पयूटर समेत अन्य कार्य सीखकर स्वयं का रोजगार शुरू कर सकती है।
200 को देंगे प्रवेश
प्रदेश का एक मात्र टोंक में अल्पसंख्यक महिला आइटीआइ केन्द्र खोला जाएगा। फिलहाल इसका निर्माण चल रहा है। इसके बनने के बाद 200 महिलाओं को विभिन्न ट्रेड में प्रवेश दिया जाएगा।
- अब्दुल मुनीम खान, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी टोंक
Published on:
18 Oct 2019 05:58 pm
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