
देवली सीआईएसएफ परिसर में हुए सीआईएसएफ के दीक्षान्त समारोह में परेड में सलामी देते जवान।
देवली. किसी भी बल के सुरक्षाकर्मी के लिए परिवार, समाज व धर्म से ऊपर राष्ट्रीय सुरक्षा का धर्म है। सब चीजों को त्यागकर यदि देश की सुरक्षा का मौका मिले, तो यह एक सैनिक के जीवन का अमूल्य अवसर होता है। यह बात सीआईएसएफ के अपर महानिदेशक (एयरपोर्ट सेक्टर) एम. ए. गणपति ने शुक्रवार को कही। वे यहां आरटीसी में आयोजित 55 वें (आरक्षक/जीडी) बैच के दीक्षान्त समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि आरक्षक को प्रशिक्षणकाल में विभिन्न कलाओं का प्रशिक्षण दिया जाता है, लेकिन प्रशिक्षण पूरा होने के बाद कार्यकाल के दरम्यान हर पल नया सीखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि देवली प्रशिक्षण केन्द्र में हुआ उक्त दीक्षान्त समारोह वाकई प्रशंसनीय है।
जहां एक साथ 1922 आरक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया है। बल के प्राचार्य व डीआईजी सरोकान्त मल्लिक ने कोर्स रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशिक्षण केन्द्र का यह सबसे बड़ा बैच है, जो लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हो गया है। केन्द्र पर 39 सप्ताह के प्रशिक्षण के दौरान आरक्षकों को कड़ी परीक्षा से गुजरना पड़ा। इस अवधि में उन्हें औद्योगिक सुरक्षा के साथ आंतरिक सुरक्षा का भी गहन प्रशिक्षण दिया गया।
प्रत्येक आरक्षक को मेजर एक्ट्स, माइनर एक्ट्स, विमानन सुरक्षा, मानव अधिकारों के साथ फील्ड क्राफ्ट, ऑपरेशन टेक्टिस, रण कौशल, गहन हथियार रणनीति, संचार, वायरलैस संचालन आदि का प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अलावा उन्हें 9 एमएम पिस्टल, 9 एमएम कारबाईन, 5.56 एमएम एनसास, 7.62 एमएम ऐके-47, ग्लोक पिस्टल आदि हथियारों के संचालन में भी प्रशिक्षित किया।
उन्होंने विश्वास जताया कि इन आरक्षकों को मिले प्रशिक्षण से उन्हें हर कड़ी चुनौती का मुकाबला करने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि सीआईएसएफ स्थानीय केन्द्र ने सिंगापुर, श्रीलंका, नेपाल सहित पड़ोसी देशों की पुलिस को भी वीवीआईपी सुरक्षा का प्रशिक्षण दिया है।
इससे पहले मुख्य अतिथि गणपति ने परेड का निरीक्षण किया। वहीं 12 टुकडिय़ों के करीब 1922 जवानों ने विशाल परेड का प्रदर्शन किया। परेड ने मंच के सामने से गुजरते हुए मुख्य अतिथि को सलामी दी। इस दौरान समारोह ड्रोन के माध्यम से कवरेज किया गया।
कार्यक्रमों ने मोहा मन
इस दौरान आरक्षकों ने विभिन्न साहसिक कार्यक्रमों का प्रदर्शन किया। इनमेें छाऊ नृत्य, मलखम्भ, मलखम्भ पर योगा, मार्शल आर्ट, केरल का मार्शल आर्ट, साईलेन्ट ड्रील, चाइनीज मार्शल आर्ट आदि कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया।
वहीं शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के लिए उत्तम जुम्बा डांस का भी आरक्षकों ने प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में आरक्षकों ने योग , सूर्यनमस्कार व विभिन्न व्यायाम का प्रदर्शन किया, जिसे देख दर्शकों ने दांतो तले अंगुली दबा ली। वहीं बैण्ड वादन ने भी दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। बैण्ड के माध्यम से बल के जवानों ने देशभक्ति गीतों का प्रदर्शन किया।
इनको किया सम्मानित
इस दौरान बेस्ट फायरिंग, इन्डोर गेम, बाह्य ऑल सबजेक्स में अव्वल रहे।आरक्षक रोहित सिद्दे, उम्मेद गणेश सिंह, विनय कुमार, हिमंगा सोनवाल, राकेश, मनोज कुमार, मुखवाना परेश कुमार, रवि कुमार आदि आरक्षकों को मुख्य अतिथि अपर महानिदेशक गणपति व डीआईजी मल्लिक ने ट्रॉफी देकर सम्मानित किया।
समारोह में ये थे उपस्थित
सीआईएसएफ के दीक्षान्त समारोह में कमाण्डेंट मनमोहन कुमार, डी. के. शर्मा, डॉ. भूपेन्द्र सिंह, विपिन तोमर, उपकमाण्डेंट एस. वी. शाही, शंकर राव, एस.के.पासवार, सुचीता सिंह, अजय त्रिपाठी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मालपुरा, सरिता सिंह, उपाधीक्षक नरेन्द्र मोहन शर्मा, उपखण्ड अधिकारी रवि वर्मा, पालिकाध्यक्ष रेखा जैन, उपाध्यक्ष जितेन्द्र चौधरी, डॉ. महेश जिन्दल, रमेश जिन्दल आदि उपस्थित थे।
Published on:
30 Dec 2017 08:19 am
बड़ी खबरें
View Allटोंक
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
