
टोंक.पीसीपीएनडीटी टीम की गिरफ्त में टोंक में लिंग जांच करने के आरोपित चिकित्सक व एएनएम (गोले में)।
टोंक. शहर में संचालित अग्रवाल हास्पीटल में शनिवार को लिंग जांच करते निजी चिकित्सक व सरकारी एएनएम को पीसीपीएनडीटी टीम ने दबोच लिया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं टीम प्रभारी रघुवीर सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित डॉ. अश्विनी कुमार अग्रवाल हॉस्पीटल में व एएनएम रेणु जादौन बनेठा के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में कार्यरत है।
इन्होंने लिंग जांच की एवज में दो माह की गर्भवती महिला से दस हजार रुपए लिए थे।
पीसीपीएनडीटी सेल के निदेशक नवीन जैन के निर्देश पर गठित टीम में शामिल पुलिस निरीक्षक उमेश निठारवाल ने बताया कि उनकी टीम को छह महीने से शिकायत मिल रही थी कि
बनेठा के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में कार्यरत एएनएम रेणु जादौन रुपए लेकर प्रसूताओं की लिंग जांच कराती है।
इसकी तस्दीक के बाद शनिवार दोपहर एक गर्भवती महिला को दस हजार रुपए देकर रेणु के पास भेजा गया।
बातचीत में दोनों की ओर से टोंक में मिलने की बात तय हुई। इसके बाद सवाईमाधोपुर अण्डरपास के नीचे खड़ी रेणु गर्भवती को सवाईमाधोपुर रोड स्थित अग्रवाल हॉस्पीटल ले गई।
जहां सोनोग्राफी करने वाले चिकित्सक अश्विनी कुमार ने जांच के बाद गर्भ में लड़का होना बताया।
इशारा पाते ही टीम में शामिल सदस्यों ने डॉ. अश्विनी कुमार व एएनएम से पांच-पांच हजार रुपए बरामद कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
सोनोग्राफी मशीन व दस्तावेज भी जब्त किए हैं। टीम में बूंदी पीसीपीएनडीटी समन्वयक राजीवलौचन गौतम, बीकानेर के समन्वयक महेन्द्र चारण, बाड़मेर के विक्रमसिंह चम्पावत,
झालावाड़ के प्रभु लाल, कोटा की प्रमोद कुमारी, आशा सहयोगिनी मीनाक्षी मेघवाल आदि शामिल थे।
दस्तावेज भी नहीं थे
गर्भवती की जांच के लिए पहचान दस्तावेज का होना आवश्यक है। जबकि सोनोग्राफी जांच के लिए महिला से पहचान सम्बन्धी दस्तावेज नहीं मांगे गए। आरोपित चिकित्सक के पास भी सोनोग्राफी विशेषज्ञ की डिग्री नहीं है।
Published on:
4 Dec 2016, 12:30 PM IST
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