
टोंक। निवाई के देवरी गांव में खुदाई के दौरान मिली देग को लेकर जिला पुलिस ने सोमवार को खुलासा कर दिया। पुरातत्व विभाग की जांच में देग के भीतर केवल मिट्टी ही मिली, वहीं इसकी आड़ में तंत्र-मंत्र के नाम पर जमीन से गड़ा धन दिलाने का झांसा देकर ठगी करने की साजिश रचने वाले दो संदिग्धों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 5 किलो 242 ग्राम नकली सोने की ईंट व सोने के बिस्किट बरामद किए हैं।
पुलिस उपाधीक्षक रवि प्रकाश शर्मा ने बताया कि जांच के दौरान संदिग्ध दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मुकेश मीणा (32) पुत्र तेजाराम मीणा और अभिषेक मीणा (24) पुत्र कैलाशचंद मीणा, दोनों निवासी जयनारायण मीणा की ढाणी सींदड़ा को डिटेन कर गहन पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे तांबे की धातु पर सोने की परत चढ़ाकर नकली सोने की ईंट और बिस्किट तैयार करते थे तथा तांत्रिक विद्या का सहारा लेकर भोले-भाले लोगों से ठगी करने की योजना बनाते थे।
पुलिस उपाधीक्षक शर्मा ने बताया कि आरोपी सुनसान स्थान का चयन कर तांबे की धातु पर सोने की पॉलिश चढ़ाकर उसे जमीन में गहरा गाड़ देते थे। इसके बाद लोगों को यह कहकर वहां ले जाया जाता था कि यहां पुराना धन गड़ा हुआ है। तांत्रिक क्रियाओं और धन-सिद्धि का झांसा देकर लोगों से मोटी रकम ऐंठने की योजना बनाई जाती थी।
सोमवार को एसडीएम प्रीति मीणा, पुलिस उपाधीक्षक रवि प्रकाश शर्मा और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग, जयपुर के क्षेत्रीय निरीक्षक नीरज त्रिपाठी ने निवाई ट्रेजरी के स्ट्रांग रूम में सीलबंद देग की जांच की। निरीक्षक त्रिपाठी ने बताया कि जांच के दौरान देग में केवल मिट्टी ही पाई गई। इसके बाद सभी अधिकारी गांव देवरी स्थित घटनास्थल पर पहुंचे और वहां भी बारीकी से जांच की गई, लेकिन कहीं भी गड़ा हुआ धन मिलने के कोई प्रमाण नहीं मिले।
देवरी गांव में उत्सुकता और रहस्य का माहौल बना रहा। कुछ लोगों ने उसी चरागाह भूमि में दोबारा खुदाई कर यह देखने का प्रयास किया कि कहीं और देग या कोई अन्य वस्तु तो नहीं दबी है, हालांकि वहां कुछ भी नहीं मिला। देग में खजाना होने सहित तरह-तरह की अफवाहें फैलती रहीं।
Published on:
05 Jan 2026 09:19 pm
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