
ब्लैकआउट की फाइल फोटो- पत्रिका
सलूम्बर जिले में आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करने के लिए 20 अप्रेल को विशेष मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान शाम 8 बजे से 8:10 बजे तक 10 मिनट का ब्लैकआउट अभ्यास किया जाएगा, जिसमें पूरे क्षेत्र में सायरन बजाकर नागरिकों की आपातकालीन प्रतिक्रिया का परीक्षण किया जाएगा। प्रशासन ने इसे लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और आमजन से सहयोग की अपील की है।
अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. दिनेश राय सापेला ने बताया कि यह अभ्यास निदेशालय नागरिक सुरक्षा विभाग के निर्देशानुसार किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य आपात स्थिति, विशेष रूप से हवाई हमले जैसी परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वय को परखना है। इसके लिए जिला कलक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित कर सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मॉक ड्रिल के दौरान सायरन बजते ही नागरिकों को अपने घरों, दुकानों और संस्थानों की लाइटें पूरी तरह बंद रखनी होंगी। वाहन चालकों को भी अपने वाहन सड़क किनारे खड़े कर हेडलाइट बंद करनी होगी। इसके साथ ही जनरेटर, सोलर लाइट और अन्य वैकल्पिक प्रकाश स्रोत भी बंद रखने होंगे। खिड़कियां और दरवाजे बंद रखकर यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी प्रकार की रोशनी बाहर न जाए। हालांकि अस्पताल और अन्य आवश्यक आपातकालीन सेवाओं को इस अभ्यास से छूट दी गई है।
इस मॉक ड्रिल में नागरिक सुरक्षा, पुलिस, होमगार्ड, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, नगर परिषद, पेयजल, विद्युत विभाग और बीएसएनएल सहित कई विभागों के कर्मचारी भाग लेंगे। साथ ही शिक्षण संस्थानों के स्काउट-गाइड, स्वयंसेवी संगठन और अन्य वालंटियर्स भी सक्रिय रूप से इसमें शामिल होंगे। बैठक में पूर्व चेतावनी प्रणाली को सक्रिय रखने, आग लगने या भवन क्षति की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक अभ्यास है और इसका उद्देश्य लोगों को जागरूक करना तथा आपदा के समय बेहतर समन्वय स्थापित करना है। आमजन से अपील की गई है कि वे अफवाहों से दूर रहें, घबराएं नहीं और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही ध्यान दें।
Updated on:
20 Apr 2026, 8:07 AM IST
Published on:
19 Apr 2026, 8:50 PM IST
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