
उदयपुर . अक्षय तृतीया पर शहर में कई जगह वैवाहिक आयोजन हुए। लेकिन इन वैवाहिक आयोजनों में कुछ जगह अलग ही नजारा दिखाई दिया। जीवन साथी के साथ सात फेरे लेने से पूर्व दूल्हा-दुल्हनों ने एक स्वर में राजनीति में खुद सक्रिय होने, महिलाओं को आगे लाने और भ्रष्ट और आपराधिक अतीत वाले राजनीतिज्ञों का साथ नहीं देने का संकल्प लिया। इसके साथ ही पांडाल में मौजूद हर शख्स ने भी इस संकल्प को दोहराया।
यह नजारा शहर में हुए सामूहिक विवाह समारोह में दिखाई दिया। गायरियावास स्थित कालूरामजी की बाड़ी में श्री विश्वकर्मा मेवाड़ा सुथार समाज विकास संस्थान की ओर से हुए सामूहिक विवाह में मंच से जब 21 दूल्हा-दुल्हनों ने एक स्वर में राजनीतिक गंदगी को साफ करने के लिए इसमें सक्रिय भागीदारी
निभाने और चेंजमेकर बनकर सक्रिय होने का संकल्प लिया। इस दौरान पांडाल में मौजूद हर शख्स ने इस मुहिम को लेकर सक्रिय भागीदारी निभाने की बात कही। शहर में कई स्थानों पर विभिन्न समाजों के सामूहिक विवाह भी हुए।
मेवाड़ा प्रजापत समाज : मेवाड़ा प्रजापत समाज सेवा संस्थान मेवाड़, कैलाशपुरी उदयपुर का तुलसी विवाह एवं सामूहिक विवाह नगर निगम प्रांगण में हुआ। संस्थान अध्यक्ष रोशन लाल कुम्हार ने बताया कि तुलसी विवाह सहित 13 जोड़ों का सामूहिक विवाह हुआ। आयोजन सुबह 7 बजे से शुरू हो गए। बिंदौली के बाद दोपहर 2.15 बजे से प्रांगण में बने मंडपो में पाणिग्रहण संस्कार हुआ।
खटीक समाज : गांधी ग्राउंड में खटीक समाज का सामूहिक विवाह खटीक पंचमहासभा की ओर से हुआ। मीडिया प्रभारी नरेंद्र खटीक ने बताया कि समाज के नौ जोड़े परिणय सूत्र में बंधें। 8 बजे हाथीपोल स्थित ठाकुरजी मंदिर से बिंदौली शुरू हुई। 11 बजे वैवाहिक रस्मे हुई। शाम 4 बजे विदाई के साथ समारोह का समापन हुआ।