
उदयपुर। 6 अक्टूबर को विश्व सेरेब्रल पाल्सी दिवस मनाया जाता है, ताकि इस बीमारी और इससे पीड़ित लोगों की कठिनाइयों के प्रति समाज में संवेदनशीलता बढ़े। सेरेब्रल पाल्सी एक जटिल न्यूरोलॉजिकल समस्या है, जिसमें बच्चों के मांसपेशियों पर नियंत्रण कमजोर हो जाता है। इसके चलते वे सामान्य रूप से चल-फिर नहीं पाते, हाथ-पांव अकड़ जाते हैं, कभी-कभी बोलने व लिखने में भी कठिनाई होती है। परिजनों के लिए भी यह स्थिति बेहद कष्टदायक होती है, क्योंकि बच्चे दूसरों पर पूरी तरह आश्रित हो जाते हैं।
नारायण सेवा संस्थान के डॉक्टर सर्जरी, फिजियोथेरेपी और आधुनिक चिकित्सकीय उपकरणों के जरिए मरीजों का उपचार करते हैं। सर्जरी द्वारा अकड़ चुके हाथ-पांव को सीधा किया जाता है, मांसपेशियों को ढीला कर सही पोजिशन दी जाती है और कैलिपर या सहायक उपकरण की मदद से बच्चे को चलने योग्य बनाया जाता है। इसके बाद नियमित फिजियोथेरेपी और परामर्श से बच्चे धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौटते हैं।
संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं कि कोई भी परिवार आर्थिक तंगी के कारण अपने बच्चे का इलाज अधूरा न छोड़े। जब कोई बच्चा पहली बार अपने पैरों पर चलना सीखता है, वही क्षण हमारे लिए सबसे बड़ी प्रेरणा बनता है।
संस्थान में यहां न केवल ऑपरेशन और चिकित्सा निःशुल्क की जाती है, बल्कि रोगियों को सहायक उपकरण, व्हीलचेयर, फिजियोथेरेपी, पुनर्वास शिक्षा और स्वरोजगार प्रशिक्षण भी दिया जाता है। अब तक हजारों सेरेब्रल पाल्सी पीड़ित बच्चों की सर्जरी कर उन्हें नए जीवन की राह दी गई है।
इसी क्रम में संस्थान ने एक विशेष "सीपी पार्क" भी बनाया है, जहां बच्चों को खेल-खेल में सिखाने और उनकी समझ विकसित करने की कोशिश की जाती है। इस पार्क में विशेष गतिविधियों और साधनों के माध्यम से बच्चों को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रोत्साहित किया जाता है, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ समाज में घुलमिल सकें।
Updated on:
05 Oct 2025 02:34 pm
Published on:
05 Oct 2025 02:34 pm
