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उदयपुर में हाइकोर्ट बैंच की मांग पर गठित कमेटी के विरोध में जयपुर और जोधपुर में नाराजगी का दौर शुरू

उदयपुर में राजस्थान हाईकोर्ट की पीठ स्थापित करने लिए राज्य सरकार की ओर से कमेटी गठित करने पर जोधपुर व जयपुर में वकीलों ने नाराजगी जताई है।
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उदयपुर

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Jyoti Jain

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Updated: 21 May 2018, 1:18 PM IST

उदयपुर .जयपुर/जोधपुर. उदयपुर में राजस्थान हाईकोर्ट की पीठ स्थापित करने क ेलिए राज्य सरकार की ओर से कमेटी गठित करने पर जोधपुर व जयपुर में वकीलों ने नाराजगी जताई है। वकीलों के संगठनों ने दोनों जगह सोमवार को न्यायिक कार्यों के बहिष्कार का फैसला किया है। जयपुर में हाईकोर्ट के साथ ही डिस्ट्रिक्ट एडवोकेट बार एसोसिएशन ने भी न्यायिक कार्य के बहिष्कार की घोषणा की है। इधर, जोधपुर में विरोध पर उदयपुर के अधिवक्ता निंदा करेंगे तथा कोर कमेटी की बैठक कर आगामी रणनीति बनाएंगे। इस बीच सरकार के लिखित में पत्र आने तक अधिवक्ताओं को क्रमिक अनशन जारी रहेगा।

हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रणजीत जोशी, लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलदीप माथुर, जयपुर में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल उपमन, महासचिव संगीता शर्मा, डिस्ट्रिक्ट एडवोकेट्स बार एसोसिएशन जयपुर के अध्यक्ष डॉ. सुनील शर्मा, महासचिव गजराज ने रविवार को एक दिवसीय न्यायिक कार्य बहिष्कार की घोषणा की।

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सोमवार को प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के नाम जोधपुर में संभागीय आयुक्त तथा जयपुर में कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर कमेटी को तत्काल भंग करने की मांग की जाएगी। जयपुर में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के प्रतिनिधि मुख्यमंत्री कार्यालय भी मुलाकात करने जाएंगे। गौरतलब है कि उदयपुर में हाईकोर्ट की बैंच की मांग को लेकर आंदोलनरत वकीलों को आश्वासन देते हुए सरकार ने विधि मंत्री पुष्पेन्द्रसिंह राणावत की अगुवाई में समिति गठित की है।

उदयपुर में पारित करेंगे निंदा प्रस्ताव
बार अध्यक्ष रामकृपा शर्मा ने बताया कि जोधपुर में अधिवक्ताओं के विरोध के मद्देनजर सोमवार सुबह उदयपुर में अधिवक्ता धरना स्थल पर निंदा प्रस्ताव पारित करेंगे और आंदोलन के संबंध मे भी चर्चा करेंगे। शर्मा ने बताया कि गत 36 वर्षों से उदयपुर में हाइकोर्ट स्थापना के लिए मेवाड़-वागड़ क्षेत्र के अधिवक्ता, नागरिक, जन संगठन, राजनीतिक दल, धार्मिक, समाजिक संगठनों के लोग सहयोग करते हुए संघर्ष कर रहे हैं। राज्य सरकार ने सहमति जताते हुए एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है। हमारा आंदोलन सकारात्मक आंदोलन हैं जिससे मेवाड़ की अस्मिता भी जुड़ गई है। कमेटी के गठन की सूचना मात्र से जोधपुर के एडवोकेट की दोनों संगठनों हड़ताल पर जाना समझ से परे है।

मंत्रियों से मिले वकील
जोधपुर में वकीलों के प्रतिनिधिमण्डल ने केन्द्रीय विधि राज्यमंत्री पीपी चौधरी एवं केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत से मुलाकात कर उदयपुर में बैंच स्थापना का विरोध जताया। वकीलों ने जयपुर बैंच के खिलाफ जोधपुर में करीब 40 साल से चल रहे विरोध का हवाला देते हुए हाईकोर्ट को मारवाड़ का अधिकार बताया।


कहीं और बेंच का कतई विरोध नहीं
सस्ता और सुलभ न्याय सभी को मिले और इसके लिए बार और बेंच के साथ ही सरकार भी कटिबद्ध है। राज्य में कहीं और भी बेंच मिले, इसका हम कतई विरोध नहीं करते हैं। उदयपुर में अनुसूचित जाति और गरीब आदिवासियों की हक की लड़ाई है। यहां बेंच की अति आवश्यकता है और यह खुलनी चाहिए।
प्रवीण खंडेलवाल, पूर्व बार अध्यक्ष उदयपुर

संभाग की मांग जायज

न्याय का विकेंद्रीकरण हो, राज्य में कहीं और भी हाइकोर्ट बैंच खुले उसका हम कतई विरोध नहीं करते हैं। उदयपुर संभाग की मांग जायज है। अन्य जिलों को विरोध करने के बजाय उन्हें भी अपनी मांग को रखना चाहिए।

रामकृपा शर्मा,बार अध्यक्ष उदयपुर