18 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

गुड़ेल में हर साल चंदा और श्रमदान कर सडक़ न सुधारें तो दुश्वार हो जाए आना-जाना

-गुड़ेल के पीपिया, जेतपुरा और वसावत भागल को चाहिए पक्की सडक़, गुड़ेल को मिला गौरवपथ और दो डामर रोड, फिर भी खत्म नहीं हो रही तकलीफ  
2 min read
Google source verification
developing area,Gaurav Path,Prime Minister Road Planning,udaipur latest hindi news,

गींगला. सलूम्बर तहसील की गुड़ेल पंचायत को अरसे बाद गौरवपथ का तोहफा मिला और दो राजस्व गांव प्रधानमंत्री सडक़ योजना से जुड़े। तीनों बस्तियों में जहां पहली बार सडक़ पहुंची, लेकिन पंचायत के अन्य सुदूर राजस्व गांवों की आबादी अभी भी पक्के और सुगम मार्ग की मांग कर रहे हैं। परेशानी पीपिया, कालीमगरी और जेतपुरा की है। पीपिया में तो हालात ये हैं कि ग्रामीण हर साल श्रमदान कर रास्ता नहीं सुधारें तो घर से निकलना ही दुश्वार हो जाए।

READ MORE : ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर बचाई यात्रियों की जान, टूटी पटरी, उदयपुर-इंदौर एक्सप्रेस का इंजन बेपटरी


गुड़ेल पंचायत का राजस्व गांव पीपिया तीन फलों में बंटा है। मुख्य बस स्टैंड गुडेल से गांव तक जाने वाला रास्ता ऊबड़-खाबड़ और पथरीला है। बारिश के दिनों में परेशानी उस वक्त बढ़ जाती है, जब तेज बहाव होने पर मिट्टी का कटाव हो जाता है। स्थिति यह होती है कि छोटे वाहन तक नहीं गुजर पाते। किसी ग्रामीण के बीमार होने या आपात स्थिति में खासी परेशानी झेलनी पड़ती है।

पूरणमल, धूलाराम, हीरा, देवा सहित ग्रामीणों ने बताया कि गांव के करीब सवा सौ घरों में आदिवासी आबादी है। इन लोगों को करीब तीन किमी की दूरी तय कर घरों तक पहुंचना पड़ता है। लम्बे समय से डामरीकरण की मांग कर रहे है, लेकिन हर बार आश्वासन से ज्यादा कुछ नहीं मिला। बारिश के बाद वर्ष 2009 से हर साल प्रत्येक घर से 200-200 रुपए का चंदा एकत्रित करते हैं। जेसीबी और ट्रैक्टर लगाने के अलावा श्रमदान भी करते हैं ताकि रास्ता छोटे वाहनों के आवागमन लायक बना रहे।

उधर, जेतपुरा व कालीमगरी क्षेत्र भी सडक़ से वंचित है। जेतपुरा वासियों का कहना है कि फीला या ईडाणा, लोदा से घूमकर आने-जाने में समय ज्यादा लगता है। रास्ता सीधा है, लेकिन कच्चा और ऊबड़-खाबड़ होने से हादसे की आशंका रहती है। इस पर डामर कर दिया जाए तो आसानी हो सकती है। कालीमगरी क्षेत्र भी सडक़ के इंतजार में है। लालावतों का गुड़ा के लिये झामरी नदी पर पुल की मांग भी अरसे से अनसुनी की जा रही है।

वसावत भागल में बने सीसी रोड और नालियां
डेढ़ सौ की आबादी वाला गांव वसावत भागल में भी कम परेशानियां नहीं है। सर्दियों में भी आम रास्ते पर कीचड़ और गंदगी का अंबार रहता है। वार्डपंच अमरा पटेल ने बताया कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत बस्ती के घरों में शौचालय बनवाए थे। इनका गंदा पानी रास्ते पर फैला रहता है। आवाजाही दुश्वार होने के साथ मच्छरों की भरमार हो गई है। मंदिर से नदी तक सीसी सडक़ भी चाहिए।

प्रस्ताव भेज रखे हैं
पीपिया, जेतपुरा के लिये प्रस्ताव विभाग को भेज रखे हैं। वसावत भागल में भी समाधन करेंगे।

-रोड़ीलाल मीणा, सरपंच, गुड़ेल