सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चल रही है, लेकिन कुछ गांव ऐसे भी हैं, जहां शिक्षा का अभाव है। बेटियां 8वीं के बाद बाहरी स्कूलों में जाने के बजाय पढ़ाई छोड़ देती है। जागरुकता के अभाव में न ग्रामीण बेटियों को पूरी शिक्षा दे पा रहे हैं और ना ही प्रशासन का इस दिशा में ध्यान है। स्थिति ये है कि उच्च प्राथमिक विद्यालय के क्रमोन्नत होने के 12 साल के दरमियान महज एक बालिका ने गांव से निकल कर 10वीं तक पढ़ाई की।