
प्रमोद सोनी/उदयपुर. एक भी गरीब बच्चे का भविष्य सुधार दिया तो तुम्हारी जिंदगी सफल हो गई समझो। किसी गरीब के घर में रोशनी पैदा कर दी तो दुनिया में इससे ज्यादा पुण्य का कोई ओर काम नहीं। मैं कितने ही साल राजनीति में रह गया, लेकिन वो सम्मान आज तक नहीं मिला जो किसी शिक्षक को मिलता है। यह बात प्रदेश के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने शनिवार को नगर निगम सभागार में शिक्षक-छात्र सम्मान समारोह में कही। भाषण के दौरान ही गृहमंत्री इतने भावुक हो गए कि उनके आंसू निकल पड़े। अधिकांश भाषण गृहमंत्री ने भरे गले से ही दिया। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि आपका पढ़ाया हुआ बच्चा हल भी चलाएगा तो आपको दिल से सम्मान देगा। जो हमारे पास है, केवल और केवल दिमाग चलाने की जरूरत है हम चुनौती दे उसको कि हमारे पास वो बच्चा आया है जो अभावों में जी रहा है मैं बनाऊंगा उसको। मैं आपसे कह रहा हूं भगवान कहां से आशीर्वाद देगा मुझे पता नहीं, लेकिन वह बच्चा जो भगवान से बोलेगा वही तुम्हारे लिए आशीर्वाद होगा। भागने से काम नहीं होगा। घंटी बजी और आए घंटी बजी और गए। शिक्षक का काम है बच्चे का सर्वांगीण विकास करना, उसे शिक्षा सहित खेल और अन्य गतिविधियों में आगे लाना।