
पेंशनर्स को राहत, 3 करोड़ 38 लाख का होगा भुगतान, प्रोफेसर इन प्रैक्टिस की परंपरा होगी शुरू
मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के प्रबंध मंडल (बॉम) की बैठक सोमवार को कुलपति प्रोफेसर सुनीता मिश्रा की अध्यक्षता में हुई। जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय किए गए हैं। प्रवक्ता डॉक्टर कुंजन आचार्य ने बताया कि बॉम की बैठक में पेंशनर्स को राहत देते हुए करीब 3 करोड़ 38 लाख रुपए का भुगतान करने का निर्णय किया है। इसमें पेंशनर्स के लिए डीए और एरियर का भुगतान भी शामिल है। यह पेंशनर्स की कुल बकाया राशि का 50 प्रतिशत राशि है जो कि प्रारंभिक चरण में दी जाएगी। इसके साथ ही यह भी निर्णय किया कि जो पेंशनर 75 वर्ष की आयु पूरी कर चुके होंगे उनकी पेंशन में 10 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी।गत शैक्षिक सत्र में हुई विभिन्न परीक्षाओं और डिग्रियों का अनुमोदन भी इस बैठक में किया गया। डिग्री और स्वर्ण पदकों का वितरण 21 दिसंबर को आयोजित होने वाले दीक्षांत समारोह में किया जाएगा।
इस दौरान संत पीपा शोध संस्थान स्थापित करने पर सहमति व्यक्ति की गई। इसके तहत एक सहायक आचार्य की स्थाई नियुक्ति की जाएगी। बॉम की बैठक में ये भी तय किया कि सुखाड़िया विश्वविद्यालय में प्रोफेसर इन प्रैक्टिस की परंपरा अंगीकार की जाएगी। जिसमें अपने-अपने क्षेत्र में महारत हासिल विशेषज्ञों को आमंत्रित कर उन्हें एक समेकित मानदेय पर शिक्षण कार्य के लिए आमंत्रित किया जाएगा, ताकि विवि से जुड़े छात्र-छात्राओं को इनकी विशेषज्ञता का लाभ मिल सके।
ये महत्वपूर्ण निर्णय किया
विश्वविद्यालय को तकनीकी तौर पर समृद्ध बनाने के लिए एसयूएमएस (सम्स) लागू करने का निर्णय किया गया। सम्स देश के 34 विश्वविद्यालय में अभी कार्य कर रहा है।
क्या है सम्स
सम्स एक केंद्रीयकृत तकनीकी व्यवस्था है। इसके 28 मॉड्यूल काम करते हैं। जिसमें एडमिशन से लेकर परीक्षा परिणाम जारी करने तक की समृद्ध ऑनलाइन तकनीकी व्यवस्थाएं होती है।
Published on:
18 Dec 2023 09:42 pm
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