7 अक्टूबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Udaipur School Accident: हादसे के वक्त कक्षा में नहीं था टीचर, घायल बच्चे खुद पहुंचे घर, अब जर्जर स्कूल बंद

Government School Accident: उदयपुर जिले के भींडर पंचायत समिति क्षेत्र के वाणिया तलाई स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय, नारदा में जर्जर छत का प्लास्टर अचानक गिरने से तीन छात्र-छात्राएं घायल हो गए। हादसे के समय कक्षा में शिक्षक की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठे हैं।
3 min read
Google source verification
Udaipur School Accident

जर्जर छत का प्लास्टर गिरा। फोटो: पत्रिका

उदयपुर। जिले के भींडर पंचायत समिति क्षेत्र के वाणिया तलाई स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय, नारदा में जर्जर छत का प्लास्टर अचानक गिरने से तीन छात्र-छात्राएं घायल हो गए। हादसे के समय कक्षा में शिक्षक की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठे हैं। घायल बच्चों के अनुसार, जब छत का प्लास्टर गिरा, उस वक्त कक्षा में कोई शिक्षक नहीं था। सिर से खून बहने और डर के बावजूद तीनों बच्चे खुद पैदल अपने घर पहुंचे। इसके बाद परिजन उन्हें लेकर राजकीय जिला चिकित्सालय भींडर पहुंचे, जहां उनका उपचार किया गया।

हादसे के बाद प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और जर्जर भवन को बंद करने के निर्देश दिए। स्कूल में नामांकित 37 बच्चों की पढ़ाई के लिए अब सुरक्षित और छायादार वैकल्पिक परिसर तलाशा जा रहा है। हादसा ग्राम पंचायत वाणिया तलाई के राजकीय प्राथमिक विद्यालय, नारदा में हुआ। कक्षा-कक्ष की जर्जर छत से अचानक प्लास्टर का बड़ा हिस्सा नीचे आ गिरा। इसकी चपेट में आने से काजल (7) पुत्री शांतिलाल मीणा, कृष्णा (7) पुत्र भेरुलाल मीणा और ललित (8) पुत्र नारायण लाल मीणा घायल हो गए। तीनों बच्चों को चोटें आईं और वे लहूलुहान हो गए। उन्हें तत्काल परिजन राजकीय जिला चिकित्सालय भींडर लेकर पहुंचे, जहां उनका उपचार किया गया।

घायल बच्चों का दावा- हादसे के वक्त कक्षा में नहीं था शिक्षक

घायल विद्यार्थियों ने बताया कि हादसे के समय कक्षा में कोई शिक्षक मौजूद नहीं था। बच्चों के अनुसार, एक शिक्षक छुट्टी पर थे, जबकि दूसरे शिक्षक वाणिया तलाई गए हुए थे। घायल होने के बाद वे डरते-सहमे खुद पैदल अपने घर पहुंचे और परिजनों को घटना की जानकारी दी। हालांकि बाद में संबंधित शिक्षक की ओर से खुद के मौके पर मौजूद होने का दावा किया गया। इसे लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए कि यदि शिक्षक मौके पर मौजूद थे तो घायल बच्चों को अस्पताल पहुंचाने के लिए उन्होंने पहल क्यों नहीं की। घटना के बाद अस्पताल पहुंचे मीडिया कर्मियों को भी वहां शिक्षा विभाग का कोई प्रतिनिधि नजर नहीं आया।

37 बच्चों पर दो शिक्षक, उपस्थिति को लेकर भी सवाल

विद्यालय में 37 बच्चों का नामांकन है और यहां दो शिक्षक नियुक्त हैं। इनमें एक स्थायी और दूसरा संविदा शिक्षक बताया गया है। हादसे के बाद अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रमेश चंद्र खटीक ने स्कूल पहुंचकर उपस्थिति रजिस्टर की जांच की। इस दौरान एक शिक्षक की अनुपस्थिति दर्ज की गई। अधिकारी के पहुंचने के बाद शिक्षक की ओर से छुट्टी पर होने की बात कही गई। इस घटनाक्रम को लेकर ग्रामीणों ने स्कूल में शिक्षकों की उपस्थिति और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।

जिस जगह प्लास्टर गिरा, वहीं थी शिक्षक की टेबल-चेयर

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छत से जिस स्थान पर प्लास्टर गिरा, ठीक उसी जगह शिक्षक की टेबल और चेयर लगी हुई थी। प्लास्टर गिरने से टेबल चकनाचूर हो गई। गनीमत रही कि उस समय कुर्सी पर शिक्षक नहीं बैठे थे। हादसे के बाद कमरे के फर्श पर टूटी हुई चेयर, प्लास्टर का मलबा और जंग लगे लोहे के सरियों के टुकड़े बिखरे मिले। इससे भवन की छत की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

2020 में भी खराब हुई थी छत, मरम्मत की जगह हुआ रंग-रोगन

ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल भवन लंबे समय से जर्जर स्थिति में है। वर्ष 2020 में छत खराब होने के बाद उसकी मरम्मत कर प्लास्टर किया गया था। अब वही प्लास्टर दोबारा उखड़कर गिर गया। ग्रामीणों के अनुसार, सिर्फ कक्षा-कक्ष ही नहीं, बल्कि स्कूल के ऑफिस की छत भी खराब स्थिति में है। आरोप है कि भवन को सुदृढ़ करने के बजाय ऊपर से रंग-रोगन कर उसे ठीक दिखाने की कोशिश की गई।

अधिकारी को स्कूल का रास्ता तक ढूंढना पड़ा

घटना के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मौके पर पहुंचने को लेकर भी सवाल उठे। ग्रामीणों के अनुसार, घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे ब्लॉक शिक्षा अधिकारी राजेंद्र कुमार को विद्यालय तक पहुंचने का रास्ता मालूम नहीं था। वे मुख्य सड़क पर स्कूल तलाशते नजर आए।

हादसे के बाद प्रशासन ने बंद कराया जर्जर भवन

हादसे की सूचना मिलने के बाद विकास अधिकारी गुलाब सिंह गुर्जर, तहसीलदार सतीश चंद्र पाटीदार, पीईओ अमृतलाल मीणा, पटवारी वारता चौबीसा, ग्राम विकास अधिकारी गुलाब सिंह शक्तावत और एएनएम इन्द्रा मेघवाल सहित प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। जर्जर भवन की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने स्कूल भवन को बंद करने के निर्देश दिए। साथ ही 37 बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए किसी सुरक्षित छायादार परिसर में कक्षाएं संचालित करने की व्यवस्था तलाशने के निर्देश दिए गए हैं।

बड़ी खबरें

View All

उदयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग