
अंतिम संस्कार में जुटे लोग (फोटो- पत्रिका)
उदयपुर: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में हुए बस हादसे में जान गंवाने वाले उदयपुर के अधिवक्ता और उनकी पत्नी का रविवार शाम को एक ही चिता पर अंतिम संस्कार हुआ। उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए सैकड़ों की तादाद में रिश्तेदार, परिचित और वकील शामिल हुए थे।
इधर, ड्रिमी का अंतिम संस्कार पैतृक गांव पदराड़ा में किया गया। वकील संजय सोनी (55) का शव हादसे के 24 घंटे बाद घटना स्थल से 7 किलोमीटर दूर और उनकी पत्नी चेतना सोनी का शव 40 किलोमीटर दूर शनिवार सुबह मिला था। जब संजय सोनी की अंत्येष्टि करने की तैयारी थी, उसी समय पत्नी का शव मिलने की सूचना आई। ऐसे में संजय का शव मुर्दाघर में रखवाकर इंतजार किया गया। रविवार दोपहर बाद पत्नी चेतना का शव पहुंचा तो अंतिम यात्रा निकली। भट्टजी की बाड़ी स्थित आवास से निकली अंतिम यात्रा अशोकनगर मोक्ष धाम पहुंची, जहां एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया।
उदयपुर से चारधाम की यात्रा पर करीब 14 दिन पहले गए परिवार के साथ रुद्र प्रयाग में 26 जून को हादसा हो गया था। परिवार में गोगुंदा, उदयपुर के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश निवासी रिश्तेदार शामिल थे। कुल 20 लोगों में से 7 लोग उदयपुर के रहने वाले थे। गुरुवार सुबह केदारनाथ से बद्रीनाथ के बीच उनकी बस को ट्रक ने टक्कर मार दी थी। ऐसे में बेकाबू बस अलकनंदा नदी में गिर गई थी।
हादसे में जान गंवाने वालों में उदयपुर निवासी अधिवक्ता संजय सोनी, उनकी पत्नी चेतना सोनी, पदराड़ा हाल सूरत निवासी ड्रिमी सोनी, राजगढ़ मध्यप्रदेश निवासी विशाल सोनी, उनकी पत्नी गौरी सोनी और गोगुंदा हाल सूरत निवासी ललित सोनी के शव मिल चुके हैं। छह लोग अब भी लापता हैं।
हादसे में गोगुंदा के पास पदराड़ा गांव का परिवार भी शामिल होने से ग्रामीण चिंतित हैं। ऐसे में पिछले तीन-चार दिन से गांव में शोक का माहौल है। हादसे में पदराड़ा हाल सूरत निवासी ड्रिमी सोनी (17) की भी मौत हुई थी। उनका अंतिम संस्कार भी रविवार को ही पदराड़ा में किया गया। ड्रिमी पदराड़ा के पूर्व सरपंच रामलाल सोनी की पौत्री थी। हाल ही में 12वीं की पढ़ाई के बाद वह नीट की तैयारी कर रही थी।
Updated on:
30 Jun 2025 08:30 am
Published on:
30 Jun 2025 08:27 am
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