
दिव्यांग, विधवा ने नहीं दी अर्जी फिर भी कर दिए तबादले, सुविधा वाले स्थान से 50 किलोमीटर दूर भेजा
मुकेश हिंंगड़/उदयपुर. दिव्यांग, विधवा और गंभीर बीमारियों से ग्रसित शिक्षकों ने तबादलों का आवेदन नहीं किया इसके बावजूद उनके तबादले दूरस्थ क्षेत्र में कर दिए गए। अब ये पीडि़त शिक्षक परिवेदनाएं लेकर शिक्षा विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। अजीबो-गरीब स्थिति तो यह रही कि विभाग ने भी ऐसे तबादलों वाले प्रभावितों को रिलीव नहीं करने के आदेश तक नहीं दिए। कुछ इसी तरह का मामला माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से तृतीय श्रेणी शिक्षकों की तबादला सूची में सामने आया है।
शिक्षा विभाग की ओर से शुक्रवार देर रात जारी सूची में कई ऐसे प्रभावित शिक्षकों के तबादले 50 किलोमीटर से दूर इलाकों में कर दिए गए, जबकि उन्होंने तबादले के लिए आवेदन भी नहीं किया। उनके तबादले बिना आवेदन ही कर दिए गए और उनकी जगह नए शिक्षक तबादलों के जरिए आ गए। स्थानांतरण के बाद नए शिक्षकों को ज्वॉइन कराने के लिए तबादला प्रभावित शिक्षकों को रिलीव किया जा रहा है। इन प्रभावित शिक्षकों ने जनप्रतिनिधियों व शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा कि प्रारंभिक शिक्षा के तबादलों में तो ऐसे प्रकरणों में राहत दी गई लेकिन उनके मामलों में अभी तक शिक्षा विभाग ने कोई निर्देश नहीं दिए है।
प्रभावितों के कुछ केस
- दिव्यांग शिक्षक शांतिलाल डामोर का स्थानांतरण राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गटुनिया (खेरवाड़ा) से कातर खेरवाड़ा कर दिया गया, जो 60 किलोमीटर दूर है
-गंभीर बीमारी से पीडि़त यशोदा मंत्री का तबादला कानपुर (गिर्वा) से वली (कुराबड़) कर दिया, जो 60 किलोमीटर दूर है।
-गंभीर बीमारी से पीडि़त शंकुतला जैन का सीसारमा (गिर्वा) से राव मादड़ा (गोगुंदा) तबादला कर दिया गया, जो 55 किलोमीटर दूर है।
-विधवा शिक्षिका अलका अजमेरा का डाकन कोटड़ा (गिर्वा) से जावद (सराड़ा) तबादला कर दिया, जो 55 किलोमीटर दूर है।
-मैना जैन का तबादला बलीचा (गिर्वा) से कुराबड़ कर दिया, जो 50 किलोमीटर दूर है।
इनका कहना है...
विधवा, परित्यक्ता, गंभीर बीमारी व दिव्यांग शिक्षकों को बिना आवेदन किए ही दूरस्थ स्थानों पर तबादला कर मानसिक प्रताडऩा दी जा रही है जो उचित नहीं है। विभाग इनकी परिवेदनाओं को प्राथमिकता देकर निस्तारित करें नहीं तो संगठन को पीडि़त शिक्षकों के साथ मजबूरन आंदोलन करना पड़ेगा।
शेरसिंह चौहान, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष, राजस्थान शिक्षक एवं पंंचायतीराज कर्मचारी संघ
लापरवाही पर देंगे नोटिस
शाला दर्पण पर उनकी श्रेणी का उल्लेख नहीं था, ऐसे में सिस्टम में उनकी श्रेणी प्रदर्शित नहीं हुई। इस मामले में संस्था प्रधानों को भी नोटिस दिए जाएंगे, जिनकी लापरवाही शाला दर्पण को अपडेट करने में रही है। इनकी जो भी परिवेदनाएं हैं वे सरकार तक भेजेंगे।
नरेश डांगी, जिला शिक्षाधिकारी (माध्यमिक प्रथम)
Published on:
12 Jun 2018, 3:04 PM IST
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