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गुलदस्ता है हमारी शिवपुरी

देश के हर कोने से आते हैं जवान, शिवपुरी में गुजारते हैं 2 से 3 साल

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शिवपुरी. अलग-अलग फूलों से मिलकर जिस तरह एक गुलदस्ता बनता है, ठीक उसी तरह शिवपुरी शहर भी देश के हर हिस्से से आने वाले जवानों के रुकने की वजह से यह देश का गुलदस्ता बना हुआ है। सीआरपीएफ , आईटीबीपी, सीआईएटी व आईबी (इंटेलीजेंस ब्यूरो) में ट्रेनिंग लेने के लिए जो जवान आते हैं, वे देश के उन हिस्सों में रहते हैं, जिनका कई लोगों ने नाम तक नहीं सुना है। इन जवानों के साथ उनके अधिकारी भी यहां की आवोहवा व लोगों से मिलते-जुलते हैं। इन अधिकारियों का शिवपुरी को लेकर एक स्वर में कहना है कि यहां के लोग मिलनसार व शांतिप्रिय होने के साथ ही जवानों का सम्मान करने वाले हैं। शहर के हालातों पर उनका कहना है कि कुछ सुधार हो जाएं, तो शिवपुरी से खूबसूरत कोई दूसरा शहर नहीं।
देश के हर हिस्से से आते हैं जवान व अधिकारी : शिवपुरी में सीआरपीएफ, आईटीबीपी एवं सीआईएटी (कमांडो ट्रेनिंग सेंटर) में देश के उन हिस्सों से जवान प्रशिक्षण के लिए आते हैं, जहां पर मौसम, जलवायु व वातावरण अलग-अलग तरह का रहता है। यहां कर्नाटक से लेकर तेलंगाना, कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक के जवान ट्रेनिंग लेते हैं। हर रविवार या अन्य अवकाश के दिन यह जवान यूनिफार्म में टोली के रूप में शहर के बाजारों में खरीदारी करने आते हैं।

नहीं ऐसा मौसम कहीं
देश के हर हिस्से से आने वाले जवानों के साथ हम जैसे अधिकारी भी बाहर से आकर यहां अपना कुछ समय गुजारते हैं। शिवपुरी के लोग मिलनसार होने के साथ शांतिप्रिय भी हैं। शिवपुरी की आवोहबा व वातावरण इतना अच्छा है कि ऐसा मौसम दूसरी किसी जगह नहीं देखा। यह शहर और भी खूबसूरत हो जाएगा, जिसमें सडक़ सहित अन्य काम हो जाएं तो।
जगदीश बिलाई, कमांडेंट सीआईएटी

जज्बा है देशभक्ति का
जितना खूबसूरत शिवपुरी शहर है, उसके लोग उतने ही मिलनसार हैं। शहर के लोगों में देश की रक्षा करने वालों का सम्मान भी करते हैं तथा उनके अंदर भी देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा है। शिवपुरी शहर में यदि सडक़ निर्माण के साथ-साथ स्वच्छता का भी ध्यान रखा जाए, तो यह शहर और भी सुंदर हो जाएगा।
महेश कलावत, कमांडेंट आईटीबीपी शिवपुरी


नए साल में मिलेगा सिंध का पानी, बनेंगी सडक़ें
शिवपुरी. गुजरा साल हमें इतनी उम्मीदें दे गया कि शहर के लोगों को अब नए साल में अपनी खुशियां दरवाजे पर दस्तक देती नजर आ रही हैं। सिंध का पानी टंकियों के रास्ते घरों तक पहुंचाने का काम दिन-रात चल रहा है, ताकि नए साल के पहले सप्ताह में शहर के एक बड़े हिस्से तक पानी पहुंच जाए। जलावर्धन प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद ड्राई हो चुके शिवपुरी शहर का वाटर लेबल सुधरेगा और हरियाली बढ़ेगी। इतना ही नहीं पानी सप्लाई में खर्च होने वाली करोड़ों की राशि अब शहर के दूसरे विकास कार्यों में खर्च की जा सकेगी। बदहाल सडक़ों से भी शहरवासियों को राहत मिलेगी तथा स्वच्छता के लिए भी संसाधन जुटने से शहर साफ-सुथरा हो सकेगा।
शहर में पानी की समस्या इतनी गंभीर है कि गर्मियों में यहां एक हजार फीट तक जमीन के अंदर पानी नहीं मिलता। साल दर साल बढ़ रही ट्यूबवेलों की संख्या ने धरती से पानी ऐसा खींचा कि अब पूरा शहर ड्राई हो गया। जिसका प्रमाण सर्दियों में गहराया पानी का संकट है। शहर का भू-जल स्तर तेजी से नीचे जाने से कई हरे-भरे पेड़ सूख रहे हैं। नए साल में शहर के लोगों को सिंध का पानी इतनी राहत देगा, जिसकी कल्पना आम व्यक्ति नहीं कर सकता। ग्वालियर बायपास की मुख्य पाइप लाइन से टंकियों को जोडऩे का काम तेजी से चल रहा है और शनिवार की रात को जिला न्यायालय के पास सडक़ को काटकर पाइप लाइन डालने का काम शुरू कर दिया। दोशियान के जीएम महेश मिश्रा का कहना है कि नए साल के पहले सप्ताह में हम शहर के एक बड़े हिस्से को पानी सप्लाई करने वाली टंकियों को भर देंगे।


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