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वर्षा ‘काल’: पूरे राजस्थान में 100 से अधिक तो वहीं उदयपुर में अकेले ही 10 लोगों की मौत, 1 युवक 3 दिन से लापता

उदयपुर जिले में इस बार अब तक डूबने और बहने से 10 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। जबकि प्रदेश में 100 से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं।
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उदयपुर

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Arvind Rao

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Updated: 9 Sep 2025, 11:05 AM IST

Udaipur

उदयपुर में बरसात बनी आफत (फोटो- पत्रिका)

उदयपुर: वर्षा काल अब जनजीवन के लिए ’काल’ बन गया है। शहर में दो दिन में दो हादसे हो चुके हैं। एक हादसा रविवार रात को हुआ, जिसका शव सोमवार को निकाला गया। आयड़ नदी में रेस्क्यू में बचाए गए युवक के अलावा उसका साथी तीन दिन से लापता है, जिसका अब तक पता नहीं चल पाया।


इस बार उदयपुर जिले में अब तक डूबने और बहने से 10 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। जबकि प्रदेश में 100 से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं। प्रदेश में हाल ही में सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, मानसून सीजन 15 जून से अगस्त अंत तक बहने या डूबने के साथ ही अन्य संबंधित घटनाओं से सहित 100 मौत हो चुकी है। वर्षा जनित हादसों के कारण इतने ही लोग घायल भी हुए हैं। अब तक एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमों की ओर से भारी बारिश से प्रभावित क्षेत्रों से एक हजार लोगों को रेस्क्यू किया गया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई हादसे

भारी बरसात में नदी-नाले उफान पर रहते ग्रामीण क्षेत्रों में भी अनेक घटनाएं सामने आई है। डबोक थाना क्षेत्र की एक माइंस में भरे बरसाती पानी में चार बच्चे डूब गए थे। वहीं, सायरा क्षेत्र में सोमवार को ही एक व्यक्ति बह गया। इससे पहले झाड़ोल और कोटड़ा में भी इसी तरह की घटनाएं हो चुकी हैं।

शनिवार सुबह 11 बजे आयड़ नदी में दो युवक फंसे थे। एक को 7 घंटे बाद रेस्क्यू किया गया, जबकि दूसरा रवि नामक युवक लापता हो गया, जिसका अब तक पता नहीं चला है। रविवार को गुमशुदगी की रिपोर्ट पर आपता प्रबंधन टीमें फिर सक्रिय हुई। सोमवार सुबह 11 बजे फिर सर्च ऑपरेशन चला, जो शाम 7 बजे तक जारी रहा।

नागरिक सुरक्षा विभाग से 12 जवानों ने कलड़वास से 2 किमी तक पड़ताल की। शाम 4 बजे सूखा नाका में पीवीसी बोट उतारी गई। उदयसागर की एक दिशा से सिविल डिफेंस तो दूसरी से एसडीआरएफ ने छानबीन की, लेकिन पता नहीं चला। मंगलवार सुबह कलड़वास, खरबडिय़ा, कानपुर में सर्च ऑपरेशन चलेगा।

डबोक थाना क्षेत्र के ओडी नांदवेल पुलिया पर नदी के बहाव में जीप लेकर उतरे दो जनों की जान सांसत में आ गई। सूचना पर पुलिस पहुंची और सिविल डिफेंस के मार्फत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाते हुए दोनों जनों को सुरक्षित निकाला गया। डबोक थानाधिकारी हुुकुम सिंह ने बताया कि सोमवार रात 10.30 बजे दो जनों के जीप सहित ऑडी नांदवेल पुलिया पर तेज बहाव में फंसे होने की सूचना मिली। जीप में दो युवक सवार थे। पुलिस ने बेरिकेट्स और झाड़ियां लगाकर रास्ता बंद कर रखा है, फिर भी युवक झाड़ियां हटाकर बहाव में उतर गए थे।

दोनों लापरवाही बरतते हुए बहाव में उतर गए, लेकिन बीच में पहुंचकर अटक गए। सूचना पर राजस्थान नागरिक सुरक्षा विभाग की टीम पहुंची। टीम ने हाइड्रोलिक क्रेन की सहायता से दोनों युवकों को गाड़ी सहित सुरक्षित बाहर निकाला। युवक बीडवा खेड़ा कानोड़ निवासी विक्रमसिंह और कानोड़ निवासी कान्हा सिंह बताए गए हैं। रेस्क्यू टीम में विजय नकवाल, विपुल चौधरी, कपिल सालवी, सचिन कंडारा, दिनेश गमेती, प्रकाश राठौड़ शामिल थे।

आयड़ नदी में बहे युवक का मिला शव

भूपालपुरा थाना क्षेत्र के शहीद भगत सिंह ब्रिज के यहां रविवार रात करीब 11 बजे बहे युवक का शव सोमवार को निकाल लिया गया। सिविल डिफेंस की टीम ने रेस्क्यू करके शव का पता लगाया। बताया गया कि यहां कुछ युवक जाल डालकर मछली पकड़ रहे थे। इस दौरान आलू फैक्ट्री एरिया निवासी शेर मोहमद (31) फिसलकर नदी में गिरा और बह गया। सिविल डिफेंस की टीम ने सोमवार सुबह से दोपहर तक सर्च ऑपरेशन चलाया तो युवक का शव मिल गया।