
सुरेन्द्र सिंह राव - गौतम पटेल सराडा (उदयपुर)
शहरी क्षेत्रों में आबादी विस्तार के साथ ही लोगों ने जंगलों की ओर बढ़ना शुरू कर दिया। इसका प्रभाव यह हुआ कि वन्यजीवों ने आबादी की ओर रुख करना शुरू कर दिया। इसी का नतीजा है कि आए दिन पैंथरों के बस्तियों में घुसकर शिकार करने की घटनाएं सामने आ रही है। इसमें मनुष्य के साथ साथ मवेशी भी शामिल हैं। पिछले दिनों की घटनाओं पर नजर डालें तो पैंथर सैकड़ों मवेशियों को अपना शिकार बना चुका है। साथ ही कुछ लोगों को भी मार डाला तो कुछ को घायल कर दिया। इससे लोगों में पैंथर को लेकर जबरदस्त खौफ है। इन दिनों में एक और नया मामला सामने आया है कि अब तक महफूज रहे घरों की ओर भी पैंथर की दस्तक शुरू हो चुकी है। पिछले दिनों बाठेरड़ाखुर्द क्षेत्र में एक पैंथर घर में घुस गया और चार मवेशियों को मार डाला। वो तो गनीमत रही कि परिवार के सदस्य आंगन में नहीं सोकर कमरों में दरवाजा बंद कर नींद निकाल रहे थे वरना अनहोनी की आशंका थी।
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बार बार लोकेशन बदल देते पैंथर
जहां एक ओर क्षेत्र के किसानों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पशुधन व अत्याधुनिक खेती के लिए लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं परंतु वास्तव में देखा जाए तो क्षेत्र के किसानों को पशुधन की रक्षा करने के लिए कई जतन करने पड़ रहे हैं। आए दिन पैंथर द्वारा पशुओं का शिकार करने से क्षेत्र के लोगों में मायूसी है। बार-बार स्थान बदलने से विभाग भी पैंथर को पकड़ने में नाकाम रहा है, जिससे क्षेत्र के लोग पशुधन की रक्षा करने के साथ-साथ अपने साथ अनहोनी की आशंका को लेकर भयभीत हैं।
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1 साल में करीब 100 से ज्यादा पशुओं का शिकार
सराडा उपखंड क्षेत्र के बाना व सुरखंड खेड़ा ग्राम पंचायत क्षेत्र में भी पैंथर आए दिन पशु का शिकार कर रहा है। वन विभाग के सूत्रों व ग्रामीणों के मुताबिक पिछले 1 साल में करीब 200 से ज्यादा पशुओं का पैंथर शिकार कर चुका है। विभाग को कई बार अवगत करवाने के बावजूद पैंथर को नहीं पकड़ पाए हैं, जिससे किसानों में काफी रोष है। किसान खेतों पर पशुधन को लेकर जाने से भी कतराने लगे हैं। यहां तक कि पशु बाड़े में आकर पैंथर पशु का शिकार कर जाता है। नावडा, भैरवा ,सीपुर हिमावतों की भागल, सुरखंड का खेड़ा सहित कई गांव में आए दिन पैंथर पशुओं का शिकार कर रहा है बार-बार ग्रामीणों द्वारा वन विभाग के आला अधिकारियों को सूचना देने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है जिससे किसान व ग्रामीण परेशान है।
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सुरक्षा के लिए करने पड़ रहे जतन
पैंथर के भय से किसान खेतों में जाने से भी कतराने लगे हैं। किसान झुंड बनाकर खेतों में काम के लिए जाते हैं। पशुओं की सुरक्षा के लिए कई तरह के जतन करने पड़ रहे हैं। विभाग द्वारा एक दो जगह पैंथर को पकड़ने के लिए पिंजरे भी लगाए गए परंतु पैंथर पकड़ में नहीं आया। क्योंकि वो बार बार जगह बदल कर वन विभाग की टीम को छका रहा है।
टॉर्च और चिल्ला कर करते हैं बचाव
शाम ढलते ही किसान पशु के बचाव में लग जाते हैं। न जाने कब पैंथर आकर अपने पशुओं का शिकार कर ले इसको लेकर किसान हमेशा चिंतित रहते हैं। बचाव को लेकर मात्र टॉर्च और चिल्लाकर पैंथर को भगाते हैं।
दिन रात लोग झुंड बनाकर जान जोखिम में डालकर अपने पशुओं की रक्षा करते हैं।
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इनका कहना
नावडा क्षेत्र में पैंथर का आतंक मचा हुआ है। वास्तव में किसान परेशान है। आए दिन पशुओं का शिकार किया जा रहा है। वन विभाग द्वारा शीघ्र पैंथर को पड़कर किसानों को राहत देनी चाहिए
भीमराज पटेल, उपसरपंच, नावड़ा
बार-बार पैंथर द्वारा अपना स्थान परिवर्तन करने से पकड़ में नहीं आ रहा है। सूचना मिलने पर स्टाफ को उसकी निगरानी के लिए लगा रखा है विभाग पूरा प्रयास कर रहा है कि पैंथर को शीघ्र पकड़ा जाए।
सुरेंद्र सिंह शेखावत, क्षेत्रीय वन अधिकारी, सराडा़
Published on:
19 Aug 2023 04:36 am
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