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Udaipur: बिजली नियमों के नए मसौदे से राहत और बोझ साथ-साथ, सेवा नियमों में विरोधाभास का करंट

राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग ने चार साल बाद बिजली सेवा नियम बदलने की तैयारी कर ली है। लेकिन, राहत के साथ विरोधाभासी प्रस्ताव ने बिजली उपभोक्ताओं को उलझन में डाल दिया है। री-कनेक्शन के लिए अवधि बढ़ाई गई है, लेकिन संबंधित दरों को भी बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।
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उदयपुर

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Anand Prakash Yadav

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Pankaj Vaishnav

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Updated: 22 Sep 2025, 10:54 AM IST

राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग, राजस्थान

changes in electricity service rules: राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग ने चार साल बाद विद्युत प्रदाय संहिता (बिजली सेवा नियम) बदलने की तैयारी कर ली है। लेकिन, राहत के साथ विरोधाभासी प्रस्ताव ने उलझन में डाल दिया है। नए प्रस्ताव के मुताबिक री-कनेक्शन के लिए अवधि बढ़ाई गई है, लेकिन संबंधित दरों को भी बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।

बिजली बिलों में बकाया राशि पर कनेक्शन कटता है, जिसे दुबारा जोड़ने के लिए आवेदन किया जाता है। इसके लिए पहले मध्यम और बड़े कनेक्शन पर एक साल और दो साल के लिए अस्थाई कटा हुआ माना जाता था। उसे अब 2 साल और 5 साल के लिए अस्थाई कटा हुआ मानेंगे। लिहाजा अस्थाईकरण की अवधि बढ़ाई गई है, जिससे उपभोक्ता को फायदा होगा और नया कनेक्शन नहीं लेना होगा। लेकिन दो और पांच साल की अवधि के बाद री-कनेक्शन का आवेदन करने पर पूरी लाइन की कीमत वसूल की जाएगी। इस विरोधाभासी नियम ने सभी को असमंजस में डाला हुआ है। राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग ने ट्रम्स एंड कंडिशन फॉर सप्लाई ऑफ इलेक्ट्रिसिटी का ड्राफ्ट जारी किया है। इससे पहले नियम और शर्तें 2021 में बदले थे। नए नियमों को लेकर विशेषज्ञों से 6 अक्टूबर तक सुझाव मांगे गए हैं।

पहले यह थी दरें

: घरेलू श्रेणी में 5 किलोवॉट पर ग्रामीण में 1500 से 2000, शहरी में 3000 से 3500 रुपए,5 किलोवॉट से अधिक पर प्रति किलोवॉट 200 से 500, 45 से 150 किलोवॉट तक होने पर 90 हजार रुपए।

: व्यावसायिक श्रेणी पर 5 किलोवॉट तक पर 3000 से 5000 रुपए, 5 से 45 किलोवॉट तक पर प्रति किलोवॉट 4000 से 5000 रुपए।

: औद्योगिक श्रेणी में 4000 रुपए प्रति किलोवॉट से 5 हजार रुपए किलोवॉट तक, 45 किलोवॉट से 150 किलोवॉट तक होने पर एक लाख रुपए तक।

अब यह बदलाव प्रस्तावित

: घरेलू श्रेणी पर 5 किलोवॉट पर ग्रामीण में 2000 रुपए, शहरी में 3500 रुपए, ५ से 45 किलोवॉट तक प्रति किलोवॉट 3500 रुपए, 45 से 150 किलोवॉट तक होने पर 90 हजार रुपए।

: व्यावसायिक श्रेणी में 5 किलोवॉट तक पर 5000 रुपए, 5 से 45 किलोवॉट तक पर प्रति किलोवॉट 5000 रुपए।

: औद्योगिक श्रेणी में 5 किलोवॉट तक 5 हजार रुपए और 5 से 45 किलोवॉट तक 5000 व अन्य चार्जेज, 45 से 150 किलोवॉट तक होने पर एक लाख रुपए प्रति किलोवॉट व अन्य चार्जेज।

उपभोक्ताओं के हित में नहीं बदले नियम

नियमों में बदलाव किए हैं, लेकिन उपभोक्ता हित में नहीं है। गैर कृषि कनेक्शन को 2 वर्ष और 5 वर्ष तक अस्थाई रूप से कटा हुआ माना गया है। इससे पहले उसकी लाइन और ट्रान्सफार्मर आदि लगे रखने हैं तो ऐसी स्थिति में 1 व 2 वर्ष में ही उससे पुन: कनेक्शन पर लाइन आदि की लागत वसूल करना अनुचित है। -येवंती कुमार बोलिया, ऊर्जा सलाहकार