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धोखे की फिल्म : 30 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में विक्रम भट्ट और पत्नी श्वेतांबरी गिरफ्तार

Film Director Vikram Bhatt: 30 करोड़ की धोखाधड़ी के बहुचर्चित मामले में राजस्थान पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फिल्म डायरेक्टर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को गिरफ्तार किया है।

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Vikram Bhatt and Shvetambari

विक्रम भट्ट और श्वेताम्बरी। फाइल फोटो- पत्रिका

उदयपुर। फिल्म बनाने के नाम पर उदयपुर के डॉक्टर से 30 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने रविवार को फिल्म डायरेक्टर विक्रम भट्ट और पत्नी श्वेतांबरी को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने विक्रम को मुंबई के यारी रोड इलाके के गंगा भवन अपार्टमेंट में साली के घर से पकड़ा। पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद बांद्रा कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड लिया। संभवतः उन्हें सोमवार को उदयपुर लाया जाएगा।

केस की जांच में दोषी पाए जाने पर पुलिस ने 29 नवंबर को विक्रम और पत्नी श्वेतांबरी सहित 6 व्यक्तियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया था। सभी आरोपियों को 8 दिसंबर तक उदयपुर पुलिस के सामने पेश होने के लिए पाबंद किया था। हालांकि पिछले दिनों तक भी विक्रम भट्ट नोटिस नहीं मिलने की बात कहते रहे। साथ ही उन्होंने उदयपुर पुलिस को गुमराह किए जाने की बात कही। पिछले दिनों पुलिस ने दो वेंडरों को गिरफ्तार किया था।

यह है पूरा मामला

इंदिरा आईवीएफ ग्रुप के संस्थापक डॉ. अजय मुर्डिया ने 17 नवंबर को विक्रम भट्ट और 8 अन्य के खिलाफ 30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया। डॉ. मुर्डिया के अनुसार उन्होंने दिनेश कटारिया से मुलाकात के दौरान उनकी पत्नी की बायोपिक बनाने का प्रस्ताव सुना, जिसमें कटारिया ने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान का हवाला देते हुए सहयोग का वादा किया।

बाद में कटारिया ने 24 अप्रेल 2024 को मुंबई में विक्रम भट्ट से मुलाकात करवाई और 40 करोड़ रुपए का कॉन्ट्रैक्ट किया। फिर भट्ट ने 47 करोड़ में 4 फिल्में बनाने की बात की और डॉ. मुर्डिया से भुगतान लिया। जांच में पता चला कि वेंडरों के फर्जी बिलों के जरिए पैसे विक्रम और श्वेतांबरी के खातों में गए।

क्यों जरूरी है ट्रांजिट रिमांड

जब किसी आरोपी को केस दर्ज होने वाले स्थान से अलग शहर या राज्य से गिरफ्तार किया जाता है, तो स्थानीय अदालत से ट्रांजिट रिमांड लेना जरूरी होता है। उद्देश्य यह कि अदालत की अनुमति से आरोपी को केस वाले मूल राज्य में ले जाया जा सके। आरोपी को 24 घंटे के भीतर कोर्ट में पेश करने की बाध्यता के चलते ट्रांजिट रिमांड जरूरी होता है, ताकि अधिक समय लगने पर भी कानूनी अड़चन न रहे।

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धोखाधड़ी के मामले में विक्रम भट्ट और श्वेतांबरी को गिरफ्तार किया गया। दोनों का मेडिकल कराए जाने के बाद ट्रांजिट रिमांड लिया है। आगे की कार्रवाई जारी है।

  • योगेश गोयल, एसपी, उदयपुर

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