4 अगस्त 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Women’s World Cup से पहले ‘महाकाल’ आई थी महिला क्रिकेट टीम, जीत का लिया था आशीर्वाद

MP News: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने आईसीसी वर्ल्ड कप जीतने का आशीर्वाद मांगकर बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया था...
2 min read
Google source verification
फोटो सोर्स: पत्रिका

फोटो सोर्स: पत्रिका

MP News: दो नवंबर 2025 की रात उस एक पल में समा गया जब हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराकर पहली बार महिला वनडे विश्व कप अपने नाम किया। मुंबई के डॉ. डीवाई पाटिल स्टेडियम में महिला आईसीसी एकदिवसीय विश्व कप के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को हराकर भारतीय महिला टीम पहली बार वर्ल्ड कप चैंपियन बनी।

भारत अब ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बाद महिला वर्ल्ड कप जीतने वाली चौथी टीम बन गई। बता दें कि इस टूर्नामेंट की शुरूआत से पहले टीम की सभी खिलाड़ियों ने उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन किए थे।

मिल गया आशीर्वाद

बीते दिन खेले गए मैच में भारतीय महिला क्रिकेट टीम का प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि टीम की बल्लेबाजी कितनी मजबूत और संतुलित है। शेफाली वर्मा, स्मृति मंधाना, दीप्ति शर्मा और ऋचा घोष जैसी खिलाड़ियों ने दबाव के बावजूद शानदार संयम दिखाया। लेकिन यह सब सभी साथियों की मेहनत के साथ ही बाबा महाकाल के आशीर्वाद से सम्पन्न हुआ है। क्यों कि इस पूरी टीम ने कुछ दिनों पहले ही आईसीसी वर्ल्ड कप जीतने का आशीर्वाद मांगकर बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया था। बाबा ने सभी पर अपना पूर्ण आशीर्वाद दिखाया।

भस्म आरती में हुई थी शामिल

अक्टूबर महीने की 15 तारीख को भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सभी खिलाड़ी उज्जैन पहुंची थी। यहां पर प्रातःकाल श्री महाकालेश्वर मंदिर में आयोजित भस्म आरती में सम्मिलित होकर भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त किया था।

इस दौरान प्रमुख सदस्यों में कप्तान हरमनप्रीत कौर, उपकप्तान स्मृति मंधाना, अरुंधति रेड्डी, राधा यादव, प्रतिका रावल, हरलीन देयोल, दीप्ति शर्मा, रेणुका सिंह ठाकुर, श्री चरणी सहित अन्य खिलाड़ी एवं कोचिंग सदस्य उपस्थित थे। इस अवसर पर श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से उप प्रशासक एस. एन. सोनी द्वारा भारतीय महिला क्रिकेट टीम के सभी सदस्यों का स्वागत एवं सम्मान किया था।