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इंदौर-उज्जैन फोरलेन हाइवे : फास्टैग से 70 की जगह वसूला जा रहा 140 रुपए टोल टैक्स

एमपीआरडीसी के अधिकारी बोले अगर दोगुना पैसा कटा है तो खाते में वापस पहुंचाया जाएगा पैसा...

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उज्जैन. फास्टटैग का उद्देश्य टोल नाके पर लगने वाली वाहनों की लाइनों को कम करना था और इसे इसी उद्देश्य के साथ देशभर के टोल नाकों पर एक्टिव किया गया था। लेकिन इंदौर-उज्जैन फोरलेन हाइवे पर फास्टटैग के कारण लोगों को दोगुना टोल टैक्स चुकाना पड़ रहा है। हालात कुछ ऐसे हैं कि जहां पर 35-35 रुपए के दो टोल टैक्स लगने चाहिए थे वहां पर फास्टटैग के जरिए 140 रुपए टोल टैक्स लग रहा है। बताया गया है कि टोल प्लाजा पर लगे सिस्टम में तकनीकी खराबी आने के कारण कार चालकों को दोगुना टोल टैक्स चुकाना पड़ रहा है वहीं इस बात के सामने आने के बाद एमपीआरडीसी के अधिकारी तकनीकी खामी को दूर कर दो गुना टोल टैक्स चुकाने वाले लोगों को पैसा वापस दिलाने की बात कह रहे हैं।

70 की जगह लग रहा 140 रुपए टोल टैक्स
इंदौर-उज्जैन फोरलेन के टोल प्लाजा से गुजरने पर उन वाहन चालकों को डबल टोल चुकाना पड़ रहा है, जिन्होंने वाहन में फास्टैग लगवा रखा है। इसमें उज्जैन से इंदौर जाते समय दोनों टोल निनोरा टोल प्लाजा व बोरोली टोल प्लाजा पर 35-35 रुपए कट रहे हैं और वापसी में भी दोनों टोल पर 35-35 रुपए काटे जा रहे हैं। इस तरह से 140 रुपए कार चालकों को चुकाना पड़ रहे हैं। जबकि नियम के तहत दोनों टोल में से जिस टोल से गाड़ी पहले गुजरती है उस टोल पर फास्टटैग से पैसा कटना चाहिए और उसके बाद वाले टोल पर राशि नहीं कटनी चाहिए लेकिन ऐसा होने के बजाए दोनों टोल पर फास्टटैग से 34-35 रुपए कट रहे हैं। वहीं अब इस मामले पर एमपीआरडीसी के अधिकारियों का कहना है कि टोल प्लाजा पर लगे सिस्टम की खराबी के कारण ऐसा हो रहा है जल्द से जल्द तकनीकी खराबी को दूर कराया जाएगा और जिन लोगों का दोगुना टोल कटा है 72 घंटे के अंदर उनका पैसा उनके खाते में वापस करगाया जाएगा।

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फास्टैग सिस्टम क्या है ?
बता दें कि टोल नाकों पर लगने वाली वाहनों की लंबी-लंबी कतारों के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था इसी को देखते हुए फास्टटैग सिस्टम लागू की गई है। यह इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन तकनीक है, जिसमें टैग को वाहन के विंडस्क्रीन पर लगाया जाता है, ताकि टोल पर मौजूद सेंसर इसे पढ़ सके। डिवाइस रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करता है, जब वाहन टोल प्लाजा पर फास्टैग लेन से गुजरता है तो ऑटोमेटिक टोल चार्ज कट जाता है। वाहनों को रुकना नहीं पड़ता है। फास्टैग पांच साल के लिए एक्टिव रहता है। इसे समय पर रिचार्ज करवाना होता है।

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