मीडिया बातचीत में अनाज तिलहन संघ के सचिव अनिल गर्ग ने कहा कि, यहां के व्यापारियो ने महाराष्ट्र और गुजरात के व्यापारियों के साथ-साथ कंपनियों को माल बेचा था। ये माल एक्सपोर्ट होना था लेकिन सरकार ने इसके एक्सपोर्ट पर रोक लगा दी, जिसके चलते कई सौदे कैंसिल कर दिए गए हैं और बड़े व्यापारियों के साथ साथ कंपनियों ने उनके पैसे अटका लिए हैं। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि, फिरहाल मध्य प्रदेश में 2 दिनों के लिए मंडी को बंद की गई है। लेकिन, अगर सरकार ने अपना फैसला वापस न लिया तो आगामी दिनों में मध्य प्रदेश की मंडियों को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया जाएगा।