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आपबीतीः बुढ़ापे के लिए पाई-पाई जोड़े, गंवा बैठे 2.55 करोड़ रुपए

patrika raksha kavach: हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड से रिटायर्ड मैनेजर रवींद्र कुलकर्णी और केंद्रीय विद्यालय से रिटायर्ड पत्नी अनामिका ने जीवनभर पाई-पाई जोड़कर 2.55 करोड़ रुपए जमा किए।

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patrika raksha kavach

प्रवीण नागर

patrika raksha kavach: डिजिटल अरेस्ट…बड़ा फरेब। ऐसा कि पीड़ित फोन या वीडियो कॉल पर रहता है, लेकिन हमेशा गिरफ्तारी का डर सताता रहता है। साइबर ठग फोन पर इतना डराते हैं कि वे खुद को गिरफ्तार मान लेते हैं। ऐसे ही छलावे के शिकार हुए उज्जैन के मंगलनगर निवासी कुलकर्णी दपंती।

हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड से रिटायर्ड मैनेजर रवींद्र कुलकर्णी और केंद्रीय विद्यालय से रिटायर्ड पत्नी अनामिका ने जीवनभर पाई-पाई जोड़कर 2.55 करोड़ रुपए जमा किए। ठगों ने 10 से 13 सितंबर तक मुंबई पुलिस और ईडी अफसर बनकर झांसा दिया। बुजुर्ग अनामिका को बैंक जाकर एफडी की राशि तोड़ने पर विवश कर दिया और 2.55 करोड़ रुपए ट्रांसफर करा लिए। समय रहते बुजुर्ग ने पुलिस से शिकायत की। तब 1.36 करोड़ रुपए फ्रीज कराए गए। हालांकि इसकी वापसी लंबी प्रक्रिया के बाद होगी।

कॉल आने से लेकर रुपए ऐंठने तक पीड़ित रिटायर्ड मैनेजर और ठगों की बातचीत के अंश

कॉलर: मैं मुंबई तिलकनगर थाने का सब इंस्पेक्टर हेमराज कोली हूं। आप पर पोर्न वीडियो का केस है।
रिटायर्ड मैनेजर: ऐसा तो कुछ नहीं है। (इसके बाद फोन काट दिया।) थोड़ी देर बाद प्रवर्तन निदेशालय के नाम से फोन आया…

कॉलर: मैं ईडी अधिकारी हूं। आपने जेट एयरवेज में घोटाला करने वाले नरेश गोयल से रुपए ट्रांसफर करवाए। खातों में करोड़ों लेन-देन हुआ।

रिटायर्ड मैनेजर: ऐसी तो कोई बात नहीं है।
(वाट्सऐप पर रिटायर्ड मैनेजर के कैनरा बैंक का एटीएम कार्ड और आधार कार्ड भेजा।)

कॉलर: आपके खिलाफ तो तिलकनगर में भी केस है। वीडियो कॉल पर आइए। (वीडियो कॉल कर रिटायर्ड मैनेजर और पत्नी को स्क्रीन पर रहने को कहा।)

कॉलर: यह आप किसी को नहीं बताएंगे, नेशनल सिक्योरिटी एक्ट का मामला है। जिसे बताएंगे, उसे भी पकड़ लेंगे।
(कॉलर ने सुप्रीम कोर्ट का पत्र भेजा।)

(रिटायर्ड मैनेजर ने फ्रॉड के हथकंडे की जांच की। इंटरनेट पर सर्च की तो हस्ताक्षर हूबहू निकले। बुजुर्ग दंपती डर गए।) चार दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखने के दौरान…

कॉलर: आपको बचना है तो एफडी और खाते में जो भी रुपए हैं, उसे ट्रांसफर कीजिए। जांच के बाद रुपए आपको लौटा देंगे। (रिटायर्ड मैनेजर की पत्नी बैंक गईं, एफडी तोड़ ठगों के खाते में रुपए भेज दिए।)

वीडियो में ऐसा जाल कि कोई भी फंस जाए

रिटायर्ड मैनेजर कुलकर्णी ने बताया, वीडियो कॉल पर ठगों ने बैकग्राउंड में बिल्कुल पुलिस अफसरों की तरह चेंबर बना रखा था। कपड़े भी वैसे ही थे। इन्हें देखकर हम और डर गए। जीवनभर की कमाई गंवा दी।

हमने नौकरी के दौरान 1980 में प्रोविडेंट फंड ऑप्शन चुना था। इसलिए अब हमें पेंशन नहीं मिलती। ठगों ने पूरी कमाई लूट ली।
-रवींद्र कुलकर्णी, रिटायर्ड मैनेजर, हिंदुस्तान कॉपर

पत्रिका हेल्प लाइनः 9116623401

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